नई दिल्ली : भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब पाकिस्तान ने एक बार फिर उकसावे की कार्रवाई करते हुए भारत के कई शहरों के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की. हालांकि भारतीय सुरक्षा बलों ने इस प्रयास को विफल कर दिया. जवाब में भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया और उसकी मिसाइल कार्रवाई में पाकिस्तान के तीन प्रमुख एयरबेसों को निशाना बनाया.
भारत के मिसाइल हमले में मुरीद चकवाल, सोरकोट, और नूर खान एयरबेस प्रमुख रूप से निशाना बने हैं और इन्हें भारी नुकसान पहुंचा है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि भारत ने इन एयरबेसों पर अपने फाइटर जेट्स से एयर-टू-सर्फेस मिसाइलें दागीं. ये तीन प्रमुख एयरबेस हैं-
मुरीद चकवाल एयरबेस, पंजाब- मुरीद चकवाल एयरबेस पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल ज़िले में स्थित एक प्रमुख सैन्य हवाई अड्डा है. यह इस्लामाबाद से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है. यह एयरबेस पाकिस्तान वायुसेना के लिए एक रणनीतिक केंद्र है, जिसका उपयोग हवाई रक्षा, प्रशिक्षण और युद्धक अभियानों में किया जाता है.
यहां कई आधुनिक लड़ाकू विमान तैनात रहते हैं. इसकी रणनीतिक स्थिति इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है. बेस में रनवे, हैंगर, कंट्रोल टावर और अन्य आधुनिक सैन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं. इसके अलावा, यह एयरबेस पाकिस्तान के मानव रहित हवाई अभियानों (UAV/UCAV) का एक मुख्य केंद्र है, जहां शाहपार-1 और बैराकटर TB2 जैसे उन्नत ड्रोन तैनात हैं. मुरीद एयरबेस से भारत पर कई ड्रोन हमलों को अंजाम दिया गया था, भारत की इस पर की गई कार्रवाई को पाकिस्तानी आक्रामकता का प्रत्यक्ष जवाब माना जा रहा है.
नूर खान एयरबेस, रावलपिंडी- पहले चकला एयरबेस के नाम से जाना जाने वाला नूर खान एयरबेस, पाकिस्तान वायुसेना का एक प्रमुख और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण ठिकाना है. यह एयरबेस रावलपिंडी के चकला क्षेत्र में स्थित है और इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास है.
इस एयरबेस का नाम पाकिस्तान एयरफोर्स के पूर्व प्रमुख एयर मार्शल नूर खान के नाम पर रखा गया है. यह एयरबेस मुख्यतः वीआईपी मूवमेंट और लॉजिस्टिक्स ऑपरेशनों के लिए प्रयोग होता है. पाकिस्तान की उच्चस्तरीय सैन्य उड़ानों और विशेष मिशनों के संचालन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिससे यह एयरबेस पाकिस्तान वायुसेना की ‘लाइफलाइन’ कहा जाता है.
रफ़ीकी एयरबेस, शोरकोट (पंजाब)- पाकिस्तान के झंग ज़िले में शोरकोट के पास स्थित PAF रफ़ीक़ी एयरबेस को भी भारत ने अपने हमले में निशाना बनाया. यह एयरबेस आक्रामक हवाई अभियानों में अपनी भूमिका के लिए जाना जाता है. इसका नाम 1965 के भारत-पाक युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए स्क्वाड्रन लीडर सरफ़राज़ अहमद रफ़ीक़ी के सम्मान में रखा गया है.
यहां JF-17 थंडर और मिराज जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान तैनात हैं. यह एयरबेस पाकिस्तान वायुसेना के सेंट्रल एयर कमांड के तहत आता है और पश्चिमी एवं पूर्वी सीमाओं पर तेज़ी से कार्रवाई की क्षमता रखता है. इसकी लंबी रनवे और उन्नत मेंटेनेंस सुविधाएं इसे पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा का एक अहम स्तंभ बनाती हैं.