नई दिल्ली : हरियाणा चुनाव में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की एक चूक और कांग्रेस के 10 साल बाद भी प्रदेश की सत्ता में आने से चूक गए हैं. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बार-बार भूपेंद्र सिंह हुड्डा को आम आदमी पार्टी से प्रदेश में गठबंधन के लिए समझाते रहे लेकिन पूर्व सीएम ने ‘एकला चलो’ की ऐसी जिद पकड़ रखी थी कि चाहकर भी राहुल गांधी कुछ नहीं कर पाए.
राहुल गांधी ने करीब एक महीने पहले हरियाणा कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की थी. हरियाणा चुनाव की तैयारियों को लेकर इस बैठक में चर्चा हुई. राहुल गांधी ने तब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को यह सलाह दी थी कि इंडिया गठबंधन में साथी आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस को प्रदेश में गठबंधन की संभावनाओं को तलाशना चाहिए.
दरअसल, राहुल गांधी चाहते थे कि बीजेपी को किसी भी तरह से हरियाणा की सत्ता से दूर रखा जाए. तब भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सीधे तौर पर राहुल गांधी को मना तो नहीं किया लेकिन वो गठबंधन में जरा भी दिलचस्पी नहीं रख रहे थे.
भूपेंद्र सिंह हुड्डा का ओवर कॉन्फिडेंस
राहुल गांधी के इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के नेता भी सामने आए. जिसके बाद दोनों दलों में गठबंधन को लेकर चर्चाएं शुरू हुई. सीट शेयरिंग को लेकर बात नहीं बन पाई. AAP 10 सीटों पर अड़ी हुई थी जबकि कांग्रेस पार्टी उन्हें 4 से 5 सीटों से ज्यादा देना ही नहीं चाहते थे. आम आदमी पार्टी की तरफ से राघव चड्ढ़ा ने हरियाणा कांग्रेस के नेताओं से बात की. भूपेंद्र सिंह हुड्डा तब राजनीतिक पंडितों और चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे की रिपोर्ट इस इस कदर गदगद थे कि उन्होंने राहुल गांधी को एकला चला के सिद्धांत पर चलने के लिए आखिर मना ही लिया.