हापुड़, मनोज त्यागी। आखिर वो समय आ ही गया जब नीम नदी कुलमलाएगी, नवयोवना की तरह इठलाकर-बलखाकर चलेगी। कोई अवरोध नहीं होगा। नदी के किनारे पेड़ पौधे लहलाएंगे। जिन पर चिड़ियों की चहचाहट भी सुनी जा सकेगी। इसके लिए 27 मार्च को मेरठ मंडल के मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह नीम नदी की खुदाई की शुरुआत करेंगे। इसके लिए बुधवार को जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिला विकास अधिकारी उदय सिंह ने नदी का निरीक्षण किया और मौके की हकीकत जानी। वहीं नीम नदी को पुनर्जीवन देने के लिए दैनिक जागरण ने नीर फाउंडेशन के साथ मिलकर अभियान छेड़ा हुआ है।
बुधवार की दोपहर को जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह ने अपने कार्यालय में बैठक का आयोजन किया। इसमें मुख्य विकास अधिकारी उदय सिंह, अपर जिलाधिकारी जयनाथ सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शेर सिंह, उपखंड अधिकारी राजेश कुमार, लघु सिंचाई विभाग के जेई सूरज पाल सिंह और नीर फाउंडेशन के रमन कांत त्यागी शामिल हुए। जिलाधिकारी ने कहा कि नीम नदी को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। 27 मार्च को नदी के उद्गम स्थल पर कमीश्नर द्वारा खुदाई का शुभारंभ होगा। बरसात से पहले नदी की खुदाई का काम पूरा हो जाना चाहिए। ताकि बरसात के पानी का ज्यादा से ज्यादा संचयन किया जा सके। इसमें जन सहयोग लिया जाए और सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जाए।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शेर सिंह ने बताया कि नदी का बहाव क्षेत्र 188 किमी का है। इसमें से हापुड़ में 14 किमी, बुलंदशहर में 98 और अलीगढ़ में 76 किमी नीम नदी बहती है। इसमें से करीब 108.8 किमी अपने क्षेत्र में आता है। इसमें काम शुरू करा दिया गया है। नदी की पट्टी का सौदर्यीकरण मनरेगा के द्वारा कराया जाएगा। जबकि नदी की अंदर की सफाई का काम मशीन के द्वारा कराया जा रहा है। नीम नदी निरंतर बहे इसके लिए नहर से पानी डालने की भी व्यवस्था की जाएगी।