लखनऊ। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता (29–30 जनवरी, 2026) का आज भव्य एवं गरिमामय समापन जनपद लखनऊ में सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य, अतिथि के रूप में जया देवी कौशल, माननीय विधायक, तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में कौशल किशोर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को और बढ़ाया। कार्यक्रम में सुश्री अनुपमा मौर्य उपनिदेशक महोदया निदेशालय दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उत्तर प्रदेश , श्री राजेश मिश्र उपनिदेशक लखनऊ मंडल, श्री शशांक सिंह जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी लखनऊ समेत सभी प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।

समापन समारोह में अतिथियों द्वारा विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि जया देवी कौशल जी ने खिलाड़ियों के संघर्ष, परिश्रम और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। कौशल किशोर जी ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों की खेल भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ दिव्यांगजनों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से और सशक्त रूप से जोड़ने का कार्य करती हैं।

इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 550 से अधिक दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। दो दिनों तक चली प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स (100 मीटर, 200 मीटर दौड़), लॉन्ग जंप, शॉटपुट, कबड्डी, खो-खो, टग ऑफ वॉर, शतरंज सहित विभिन्न खेल स्पर्धाएँ उत्साह एवं खेल भावना के साथ सम्पन्न हुईं।

समापन अवसर पर सभी प्रतिभागी टीमों को ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि प्रत्येक प्रतिभागी को सहभागिता प्रमाण पत्र एवं पदक देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक, ट्रॉफी तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। खिलाड़ियों के चेहरों पर सम्मान और उपलब्धि की चमक स्पष्ट दिखाई दी।

आयोजन स्थल विभिन्न राजकीय विद्यालय, मोहन रोड, लखनऊ में प्रतियोगिता के दौरान आवास, भोजन, चिकित्सा, परिवहन एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं। विभागीय अधिकारियों, विद्यालयों के शिक्षकों, खेल समन्वयकों, तकनीकी कर्मियों एवं स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों से आयोजन पूर्णतः सफल रहा।

समापन समारोह के साथ यह दो दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभाओं की पहचान का सशक्त मंच बनी, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान एवं सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।

