महंगे टमाटर पर सरकार लगाएगी लगाम, बेचेगी सस्ता टमाटर, देखें कहां मिलेंगी

दिल्ली/एनसीआर राज्य

नई दिल्ली : टमाटर की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. आज यानी सोमवार से सरकार सस्‍ते दाम पर टमाटर बेचेगी. राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और सफल के आउटलेट्स के जरिए दिल्ली और आसपास के शहरों में 65 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेचे जाएंगे. उपभोक्ता मामलों के विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में थोक और खुदरा कीमतों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है, क्योंकि कुछ व्यापारी त्योहारों के मौसम में बढ़ती मांग का फायदा उठा ऊंचे रेट पर टमाटर बेच रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि 65 रुपये प्रति किलो की दर पर टमाटर बेचने के बावजूद सरकार को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. यह थोक और खुदरा कीमतों के बीच भारी अंतर को उजागर करता है.

त्योहारी सीजन शुरू होने के बाद से ही सब्जियों के भाव में काफी उछाल आया है. सब्जियों के बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है. देश के बहुत से शहरों में टमाटर 80 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम और प्याज 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है. भिंडी, पालक, हरी मिर्च, लौकी के दाम भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो गए हैं. इस समय, प्रमुख शहरों में खुदरा टमाटर की कीमतें 80-90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी हैं, जबकि दो हफ्ते पहले यह 40-50 रुपये प्रति किलो थी. इस उछाल की वजह कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बारिश से आपूर्ति में आई रुकावट बताई जा रही है.

15 दिन में ही 25 से 70 रुपये किलो हुआ भाव
दिल्ली के आजादपुर मंडी के एक व्यापारी ने बताया कि दो हफ्ते पहले 25 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब थोक में 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. रिटेल में भी भाव कई गुना बढ़ गए हैं. केंद्र सरकार ने खुदरा बाजार में टमाटर की कीमतों पर काबू पाने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत यह हस्तक्षेप शुरू किया है. जुलाई में भी, खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसी तरह का कदम उठाते हुए 60 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेचने का अभियान शुरू किया था.

यहां से खरीदें सस्‍ते टमाटर
राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और सफल के आउलेट्स पर सस्‍ते टमाटर बेचे जाएंगे. सरकारी बयान के अनुसार, “NCCF थोक बाजारों से टमाटर खरीदकर उचित दरों पर बेच रहा है, ताकि बिचौलियों की मुनाफाखोरी पर लगाम लगाई जा सके और उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.” गौरतलब है कि सितंबर में टमाटर की खुदरा कीमतों में सालाना आधार पर 47.91% की गिरावट देखी गई है.

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