नया गुड्स एंड सर्विस टैक्स सिस्टम लागू, लगभग 370 उत्पादों के घटे दाम

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नई दिल्ली । भारत का नया गुड्स एंड सर्विस टैक्स सिस्टम सोमवार से लागू हो गया। जीएसटी सुधार से रोजमर्रा की जरूरी चीजें और लाइफ सेविंग मेडिसिन सहित लगभग 370 प्रोडक्ट पर टैक्स कम हो गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि इस बदलाव का मकसद उपभोक्ताओं की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ाकर अर्थव्यवस्था में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश करना है।

 

अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (यूटीएच) दूध, प्री-पैकेज्ड और लेबल्ड छेना/पनीर, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती/रोटी जैसी ब्रेड सहित 50 से अधिक आइटम अब जीरो टैक्स कैटेगरी में आ चुके हैं।

 

कैंसर और दुर्लभ बीमारियों जैसी स्थितियों के लिए 33 जरूरी दवाएं और थेरेपी अब जीएसटी के तहत नहीं आते हैं, जबकि कई अन्य दवाओं पर भी टैक्स रेट 12 प्रतिशत से घटाकर जीरो कर दिया गया है। डायग्नोस्टिक किट और ग्लूकोमीटर जैसे मेडिकल डिवाइस पर अब केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा।

 

स्कूल और ऑफिस के लिए स्टेशनरी आइटम जैसे इरेजर, पेंसिल, शार्पनर, क्रेयॉन, ग्राफ बुक और मैप्स से जीएसटी रेट को घटाकर अब 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

 

मक्खन, बिस्कुट, कंडेंस्ड मिल्क, नमकीन, जैम, केचप, जूस, ड्राई फ्रूट्स, घी, आइसक्रीम और सॉसेज जैसे कई उपभोक्ता सामानों की कीमतें भी कम हो गई हैं।

 

बादाम, काजू, पिस्ता और खजूर जैसे ड्राई फ्रूट्स और नट्स पर अब 12 प्रतिशत के जगह 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा।

 

हाउसिंग के लिए सीमेंट पर टैक्स 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। हेयरकट, सैलून ट्रीटमेंट, योगा क्लास, जिम और हेल्थ क्लब जैसी सेवाओं पर भी कम दरें लागू होंगी।

 

इसके अलावा, जीरो जीएसटी कैटेगरी में अब साबुन, शैम्पू, हेयर ऑयल, फेस क्रीम और शेविंग क्रीम जैसे टूथपेस्ट भी शामिल हैं।

 

एयर कंडीशनर, टेलीविजन, वॉशिंग मशीन और डिशवॉशर जैसे किचन के सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

 

सरकार ने राजस्व की कमी की भरपाई के लिए सेस को जीएसटी में शामिल कर लिया है और लग्जरी और सिन गुड्स पर 40 प्रतिशत टैक्स लगाया है।

1,200 सीसी (पेट्रोल) या 1,500 सीसी (डीजल) से अधिक क्षमता वाली और 4 मीटर से बड़ी बड़ी स्पोर्ट यूटिलिटी और मल्टीपर्पस गाड़ियां अब 40 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आएंगी।

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