नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रगति मैदान में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के मुख्य स्थल भारत मंडपम में भाग लेने वाले सभी गणमान्यों का स्वागत किया।मोदी ओडिशा के कोणार्क स्थित सूर्य मंदिर के चक्र की एक विशाल छवि के सामने खड़े हुए और गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए नेताओं का स्वागत किया।
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन दिल्ली के प्रगति मैदान में G 20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम पहुंचे। यूनाइटेड किंगडम के पीएम ऋषि सुनक भारत मंडपम पहुंचे, दिल्ली के प्रगति मैदान में जी 20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल पर पहुंचे।
जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ,इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ,जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ,दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा,रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ,
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन,यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल,जापानी पीएम फुमियो किशिदा,दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक येओल,तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन दिल्ली के प्रगति मैदान में जी 20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम पहुंचे।
कोणार्क चक्र का निर्माण 13वीं शताब्दी में राजा नरसिम्हादेव-प्रथम के शासनकाल में किया गया था।24 तीलियों वाला चक्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज में अपनाया गया है और यह देश की प्राचीन ज्ञान, उन्नत सभ्यता और वास्तुशिल्प उत्कृष्टता का प्रतीक है।
कोणार्क चक्र की गति, समय, कालचक्र के साथ-साथ प्रगति और निरंतर परिवर्तन का प्रतीक है।यह लोकतंत्र के पहिये के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में कार्य करता है, जो लोकतांत्रिक आदर्शों के लचीलेपन और समाज में प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।कार्यक्रम के लिए 30 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों के साथ-साथ यूरोपीय संघ और अतिथि देशों के प्रमुख अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है।इसके अतिरिक्त, शिखर सम्मेलन में 14 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों की भी भागीदारी होगी।
जी20 शिखर सम्मेलन 9 से 10 सितंबर के बीच होगा।
