किसान ही भारतीय अर्थव्यवस्था की आत्मा : शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश राज्य

ग्वालियर । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को ग्वालियर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कृषि को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और किसानों को उसकी आत्मा बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की सेवा हमारे लिए भगवान की पूजा के समान है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पिछले दस वर्षों में कृषि क्षेत्र को लेकर कई बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास लगातार रहा है कि उत्पादन बढ़े, लागत घटे, उपज का उचित मूल्य मिले और प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को राहत दी जाए।

 

उन्होंने विशेष रूप से गेहूं उत्पादन का उल्लेख करते हुए कहा कि गेहूं भारतीय किसानों की प्रमुख फसल है, लेकिन यह फसल जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह आशंका है कि बदलते मौसम के कारण गेहूं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में लगभग 44 प्रतिशत उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई है और गेहूं के उत्पादन में भी नए रिकॉर्ड बनाए गए हैं।

 

उन्होंने आगे कहा कि सरकार आने वाले समय की चुनौतियों को देखते हुए ऐसी नई किस्मों के विकास पर काम कर रही है जो बढ़ते तापमान और कम पानी की स्थिति में भी अधिक उत्पादन दे सकें। चौहान ने भरोसा जताया कि वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों के सहयोग से भारत गेहूं उत्पादन में आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।

इसी क्रम में शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (आरवीएसकेवीवी) में पौधरोपण भी किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय (आरवीएसकेवीवी) परिसर में पौधा रोपा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।”

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