नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को जानकारी दी कि सोने पर कोई टैरिफ (आयात शुल्क) नहीं लगेगा. इससे उन्होंने अमेरिकी कस्टम विभाग के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि स्विट्ज़रलैंड से आने वाले सोने के बार पर शुल्क लगाया जाएगा.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा – “Gold will not be Tariffed!” यानी सोने पर टैक्स नहीं लगेगा. उनके इस बयान के बाद गोल्ड फ्यूचर्स की कीमत 2.48% गिरकर 3,404.70 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई.
डोनाल्ड ट्रंप ने दी सफाई
पिछले शुक्रवार को सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जब अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने फैसला सुनाया था कि स्विट्ज़रलैंड से आने वाले 1 किलो और 100 औंस वजन वाले गोल्ड कास्ट बार पर ट्रंप द्वारा तय 39% आयात शुल्क लगाया जाएगा.
इस तरह के गोल्ड बार का इस्तेमाल मुख्य रूप से कमोडिटी एक्सचेंज (COMEX) पर होने वाले सोने, चांदी और अन्य धातुओं के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट को सपोर्ट करने के लिए किया जाता है.
पिछले कुछ दिनों से चर्चा थी कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोने पर भी भारी टैक्स लगा सकते हैं. एक सरकारी फैसले के बाद गोल्ड फ्यूचर्स की कीमतें तेजी से बढ़ गई थीं और दुनिया भर के सोने के बाजार में हलचल मच गई थी. लेकिन सोमवार को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके साफ कर दिया कि अमेरिका में सोने के आयात पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा.
ट्रंप के इस साफ बयान के बाद अब स्थिति स्पष्ट हो गई है और सोने के कारोबार से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है. जानकारों का कहना है कि इस फैसले से सोने की कीमतों और इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी.
अब नजरें पुतिन और ट्रंप की मुलाकात पर
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जल्द ही व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर सम्मेलन इस बात को समझने का मौका होगा कि रूस, यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए किन शर्तों पर तैयार है. उन्होंने माना कि अंतिम शांति समझौते तक पहुंचने के लिए आगे भी कई बैठकें करनी पड़ सकती हैं. सोमवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि ये अच्छा होगा, लेकिन यह बुरा भी हो सकता है.”
यह अब तक की सबसे साफ तस्वीर है कि ट्रंप शुक्रवार को अलास्का में होने वाली बैठक से क्या हासिल करना चाहते हैं. यह अमेरिका और रूस के बीच चार साल से ज्यादा समय बाद होने वाला पहला शीर्षस्तरीय शिखर सम्मेलन है, जिसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं.
ट्रंप, जिन्होंने एक बार वादा किया था कि पद संभालने के 24 घंटे के भीतर यूक्रेन युद्ध खत्म कर देंगे, उनका कहना है कि उन्हें शुक्रवार की बैठक में सिर्फ दो मिनट के अंदर पता चल जाएगा कि ऐसा समाधान संभव है या नहीं.