नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए अब गोटियां सेट करना शुरू कर दिया है. खासकर, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल अब इस काम में सबसे आगे नजर आ रहे हैं. कुछ दिन पहले ही केजरीवाल ने कहा था कि ‘आप’ का कोई नेता या विधायक ये न समझे कि उसका टिकट फाइनल है.
गुरुवार को एंबुलेंस मैन के नाम से चर्चित बीजेपी के पूर्व विधायक पद्म श्री जिंतेद्र सिंह शंटी का आम आदमी पार्टी में शामिल होना इसी ओर इशारा कर रहा है. क्योंकि, शंटी को आप शहादरा से उम्मीदवार बना सकती है. जितेंद्र सिंह शंटी की पार्षद बहन प्रीति कुछ दिन पहले ही बीजेपी में शामिल हुई थी.
शंटी लावारिस लाशों को अंतिम संस्कार कराने और जरूरतमंदों को मदद करने के लिए जाने जाते हैं. अरविंद केजरीवाल ने शंटी को पार्टी में शामिल कराकर ये मैसेज देने की कोशिश कि है कि अच्छे लोगों की पार्टी में कदर होती है. कहा जा रहा है कि शंटी को शाहदरा से ‘आप’ के टिकट पर चुनाव लड़ाया जा सकता है. क्योंकि, शहादरा के मौजूदा विधायक और दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान पहले ही कर दिया है.
शहादरा में क्या भाई-बहन के बीच मुकाबला?
अब शहादरा सीट पर जितेंद्र सिंह शंटी का मुकाबला हाल ही बीजेपी में शामिल हुई उनकी बहन प्रीति शंटी से हो सकता है. शंटी के घर में कमल और झाडू में लड़ाई होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं. जितेंद्र सिंह शंटी इससे पहले इसी सीट से भाजपा के विधायक रह चुके हैं. शंटी के पार्टी में शामिल होने के बाद केजरीवाल ने कहा है कि शंटी सभी जरूरतमंदों की जरूरत पूरा कर रहे हैं. वहीं, शंटी ने कहा कि केजरीवाल की सेवा देखी है, इसलिए अब उनके साथ में अपनी सेवाओं को जोड़ रहा हूं. केजरीवाल एक योद्धा हैं.
कौन हैं जितेंद्र सिंह शंटी?
शंटी पिछले कई सालों से शहीद भगत सिंह सेवा दल फांउडेशन के संस्थापक भी हैं. साल 2013 में बीजेपी की टिकट पर शहादर सीट से जीते थे. शंटी दो बार पार्षद भी रह चुके हैं. शंटी अभी तक 70 हजार डेड बॉ़डी का अंतिम संस्कार करा चुके हैं. कोरोना काल में जब लोग अपने परिजनों का शव नहीं लेते थे तो शंटी उन शवों का अंतिम संस्कार किया. शंटी खुद भी अबतक 106 बार रक्तदान कर चुके हैं.