Coronavirus in India : देश में कोरोना के तेजी से बढ़ रहे मामले, एक्टिव केस 5300 के पार, दिल्ली में 500 के पार मामले

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नई दिल्ली : देश में कोरोना वायरस के एक्टिव मरीजों की तादाद शुक्रवार को 5364 पहुंच गई, जिसमें से 4724 मरीज ठीक भी हो गए. इसी तरह से दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या 500 के पार पहुंच गई हैं. यहां वर्तमान में 562 कोविड-19 मरीज हैं. इसी तरह से गुजरात में कोरोना के 615 मरीज, कर्नाटक में 451 मरीज, केरल में 1679 मरीज और महाराष्ट्र में कोरोना 548 मरीज मिले हैं. दूसरी तरफ, राजस्थान में 107, तमिलनाडु में 221, उत्तर प्रदेश में 205 और पश्चिम बंगाल में 596 कोरोना के एक्टिव मरीज मिले हैं.

इस बीच, कर्नाटक के दावणगेरे में 65 वर्षीय जिस व्यक्ति की मौत हो गई थी, वह कोरोना वायरस संक्रमित था. वह अन्य बीमारियों से भी ग्रसित था. उसके निधन से बृहस्पतिवार तक कर्नाटक में कोरोना वायरस से संबंधित मौतों की संख्या सात हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 31 मई को दावणगेरे के सरकारी अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई. कर्नाटक में जनवरी से अब तक सामने आए कोरोना के कुल मामले 700 से ज्यादा हो गए.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से ऑक्सीजन उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सभी राज्यों को ऑक्सीजन, क्वॉरंटाइन वार्ड में बिस्तरों, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में दो और तीन जून को तकनीकी समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं.

बैठक में आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, आपातकालीन प्रबंधन प्रतिक्रिया (ईएमआर) प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) और दिल्ली में केंद्र सरकार के अस्पतालों के प्रतिनिधियों तथा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक कोविड की वर्तमान स्थिति और तैयारियों का आकलन करने के लिए आयोजित की गई थी.

सूत्रों के अनुसार, आईडीएसपी के अंतर्गत राज्य और जिला निगरानी इकाइयां इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर श्वसन बीमारी (एसएआरआई) पर बारीकी से नजर रख रही हैं. एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, “दिशानिर्देशों के अनुसार, एसएआरआई मामलों में भर्ती सभी मरीजों और पांच प्रतिशत आईएलआई मामलों के लिए परीक्षण की सिफारिश की जाती है और पॉजीटिव एसएआरआई नमूनों को संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाता है.”

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ज्यादातर मामले हल्के संक्रमण के हैं और घर पर ही उनका इलाज किया जा रहा है. सूत्र ने कहा, “राज्यों को ऑक्सीजन, क्वॉरंटाइन वार्ड में बिस्तरों, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.”

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