यू०पी० प्रेस क्लब में उपभोक्ता संरक्षण संगोष्ठी का आयोजन

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ: राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 24 दिसम्बर के अवसर पर यू०पी० प्रेस क्लब में उपभोक्ता संरक्षण संगोष्ठी का आयोजन उपभोक्ता संरक्षण एवम् अधिकार परिषद के तत्वाधान में हुआ जिसमें उपभोक्ताओं के साथ हो रहे शोषण पर चर्चा की गई परिषद के अध्यक्ष आमोद राठौर ने बताया कि उपभोक्ता न्यायालय संसाधनों के अभाव में चरमरा के रहगये है। नकली घटिया तथा मिलावटी सामान की बिक्री चरम सीमा है। नकली कैमीकल युक्त दबाईयाँ जोरो से विक रही है उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ता फोरम में 150 न्यायिक अधिकारी के पद रिक्त चल रहे हैं। उपभोक्ता दर-दर की ठोकरे खाने पर मजबूर हो रहा है। खाद्य वस्तुओं में मिलावट से उपभोक्ता के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। समय आ गया है शुद्ध युद्ध करना पड़ रहा है। शासन प्रशासन

 

CONSUMER PROTECTION & RIGHT COUNCIL

उ०प्र० में ही नहीं सम्पूर्ण भारत वर्ष में मात्र एक ऐसी संस्था है। जो उपभोक्ता को न्याय दिलाने में तथा उनको जागरूक करने में और उनके हितों की रक्षा करने हेतु लगभग 20 वर्ष से कार्य रही है। मिलावटी मुक्त अभियान तथा घटिया समान की बिक्री करने पर लोगों को जागरूक करने में सहायक रही है। एक बड़े पैमाने पर पूरे देश में उपभोक्ताओं की अनदेखी हो रही है। भारत में मीडिया चैनल इस देश में सार्थक भूमिका निभा नहीं सके हैं देश का प्रत्येक नागरिक उपभोक्ता है और उनके हितों की रक्षा करने की सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। बाजार से गारंटी शब्द गायब हो गया है उसकी जगह पर वारंटी शब्द आ गया है। तथा वस्तुओं के वजन में कमी हुयी हैं, रेट बढ़ गए हैं क्वालिटी गिरा दी गयी है और खाद्य वस्तुओं में मिलावटी जहर परोसा जा रहा है। उत्पादन बढाने की खातिर सब्जियों और फलों में भयंकर कीट नाशक पदार्थों का छिडकाव किया जा रहा है। जो मानव शरीर में जहर का कारण बन गया है। पनीर और घी तथा मिठाइयों में खुले आम कैमिकल का प्रयोग किया जा रहा है। लोग निजी स्वार्थ के चलते चंद पैसे बचाने के चक्कर में रातों – रात अमीर बनने के लिये मिलावटी और घटिया सामान की बिक्री कर ‘रहें हैं। बाजार में बैठा व्यापारी एक जगह व्यपारी हो सकता है लेकिन बाक़ी सब जगह उपभोक्ता बनकर आता है। ऐसी स्थित में उपभोक्ताओं के शुद्धि के लिये युद्ध करने के लिये संगठित होकर उपभोक्ता सेना का गठन करना होगा नकली वस्तुओं का वाईकाट करना होगा उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल करनी होगी तभी उपभोक्ताओं को संरक्षण एवं अधिकार प्राप्त हो सकेगा।

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