श्रीराम कथा अमृतवर्षा के आठवे दिन उमड़ा भक्तों का जन सैलाब-: परमार्थ से बड़ा कोई धर्म नहीं-:पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज
मनुष्य के द्वारा किया जाने वाला परमार्थ कार्य उसकी अपनी किसी भी आपातकाल की स्थिति आने पर सहायक होती है। अपने आय का 5 या 10% भाग परमार्थ में आवश्यक लगते चलना चाहिए। परमार्थ को टालने वाले के हाथ में केवल पछतावा ही आता है। सरस् श्रीराम कथा गायन के लिए सर्वप्रिय प्रेममूर्ति पूज्य श्री […]
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