अर्जुन कर्तव्य और भावनाओं के बीच द्वन्द के बाद सही चुनाव के प्रतीक – स्वामी मुक्तिनाथानंद
रामकृष्ण मठ लखनऊ के अध्यक्ष स्वामी मुक्तिनाथानंद ने श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय एक के श्लोक बीस पर प्रवचन देते हुए कहा कि यह श्लोक महाभारत युद्ध के एक महत्वपूर्ण क्षण को दर्शाता है। यहां अर्जुन को “कपिध्वज” कहा गया है, जिसका अर्थ है—जिसके रथ पर हनुमान का ध्वज अंकित हो। यह ध्वज शक्ति, साहस और धर्म […]
Continue Reading