सुप्रीम कोर्ट से मिली इजाजत, गंगूबाई काठियावाड़ी के नाम से ही प्रदर्शित होगी

मनोरंजन

बीते बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली से पूछा था कि क्या वे अपनी फिल्म का नाम बदल सकते हैं, जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह अब संभव नहीं है। भंसाली के वकील के जवाब से पूरी ताह सन्तुष्ट होते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी फिल्म के प्रदर्शन की राह आसान कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इस तरह से संजय लीला भंसाली को जन्मदिन पर बड़ा तोहफा मिल गया है।जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके महेश्वरी की पीठ ने फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी की रिलीज को हरी झंडी दिखा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने गंगूबाई का दत्तक पुत्र बताने वाले याचिकाकर्ता बाबू रावजी शाह की याचिका खारिज कर दी। बाबू रावजी शाह का कहना था कि फिल्म में उनकी मां को वेश्या दिखाया गया है जबकि वह समाजसेविका थीं।
सुप्रीम कोर्ट में भंसाली प्रोडक्शन के वकील अर्यमा सुंदरम ने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने अभी तक फिल्म भी नहीं देखी है। फिल्म में गंगूबाई की छवि का अपमान नहीं किया गया है। वकील ने फिल्म का नाम न बदलने पर कहा कि नाम बदलना संभव नहीं है। फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट मिल चुका है और नाम पहले ही प्रकाशित हो चुका है। पूरे देश में इसका विज्ञापन भी हो चुका है।बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि फिल्म का नाम बदलने का सुझाव इसलिए है क्योंकि फिल्म पर रोक लगाने को लेकर कई अदालतों में कई मुकदमे काफी समय से लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान संजय लीला भंसाली से पूछा गया कि क्या फिल्म का नाम बदला जा सकता है? इस पर निर्माता ने था कहा कि आखिरी मौके पर नाम बदलना संभव नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *