US कोर्ट से राष्ट्रपति को बड़ा झटका, टैरिफ को बताया अवैध, फैसले से नाराज ट्रंप बोले-तबाह हो जाएगा अमेरिका

विदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ पर बड़ा झटका लगा है. अमेरिका की संघीय अपील कोर्ट ने टैरिफ को अवैध करार दिया है. अमेरिकी कोर्ट ने फैसला सुनाया कि डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए ज्यादातर टैरिफ कानून के अनुरूप नहीं हैं. इसके बाद अब सवाल है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ अब खत्म हो गया? इस फैसले पर खुद डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया आई है. डोनाल्ड ट्रंप कोर्ट के इस फैसले से खूब खफा हैं. जैसे ही कोर्ट ने फैसला सुनाया, तपाक से ट्रंप ने कन्फर्म किया कि देशों पर लगाए गए सभी टैरिफ अब भी लागू हैं और लागू रहेंगे. उन्होंने अदालत को ही अत्यधिक पक्षपातपूर्ण बताया और फैसले को गलत बताया. उन्होंने कहा कि यह फैसला अमेरिका का विनाश कर देगा.

टैरिफ वाले फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर कहा, ‘सभी टैरिफ अभी भी लागू हैं. आज एक अति पक्षपातपूर्ण अपील अदालत ने गलती से कहा कि हमारे टैरिफ हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन वे जानते हैं कि अंत में अमेरिका की ही जीत होगी. अगर ये टैरिफ कभी हट भी गए, तो यह अमेरिका के लिए पूरी तरह से विनाशकारी होगा. यह हमें आर्थिक रूप से कमजोर बना देगा, और हमें मजबूत होना होगा.’ अदालत ने ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का मौका देने के लिए टैरिफ को 14 अक्टूबर तक लागू रहने दिया है.

किस शक्ति का किया इस्तेमाल?
डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिकी अपील अदालत के यह फैसला सुनाए जाने के बाद आई है कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट यानी अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम किसी राष्ट्रपति को उस तरह के टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता जैसा कि ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में इस कानून के तहत लगाया था. संघीय सर्किट ने ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए एक अहस्ताक्षरित राय में यह बात कही.

जजों ने क्या टिप्पणी की?
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अपील कोर्ट के जजों ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के अभूतपूर्व टैरिफ उनकी शक्ति का अतिक्रमण हैं क्योंकि टैरिफ लगाने की क्षमता, जिसमें टैरिफ भी शामिल हैं, एक प्रमुख कांग्रेसी शक्ति’ है जो संविधान विधायी शाखा को प्रदान करता है.

ट्रंप ने क्या दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने चेतावनी दी कि अमेरिका अब बड़े व्यापार घाटे या अन्य देशों द्वारा लगाए गए अनुचित टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका अब अन्य देशों (मित्र या शत्रु) द्वारा लगाए गए भारी व्यापार घाटे और अनुचित टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा, जो हमारे निर्माताओं, किसानों और बाकी सभी को कमजोर करते हैं. अगर इसे ऐसे ही रहने दिया गया, तो यह निर्णय सचमुच संयुक्त राज्य अमेरिका को नष्ट कर देगा. इस मजदूर दिवस वीकेंड की शुरुआत में हम सभी को यह याद रखना चाहिए कि टैरिफ हमारे श्रमिकों की मदद करने और उत्कृष्ट मेड इन अमेरिका उत्पादों का उत्पादन करने वाली कंपनियों का समर्थन करने का सबसे अच्छा साधन है. कई वर्षों तक हमारे बेपरवाह और नासमझ राजनेताओं ने टैरिफ को हमारे खिलाफ इस्तेमाल करने की अनुमति दी. अब, संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय की मदद से हम उनका उपयोग अपने राष्ट्र के लाभ के लिए करेंगे और अमेरिका को फिर से समृद्ध, मजबूत और शक्तिशाली बनाएंगे.’

कई देशों पर टैरिफ
दरअसल, 2 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ पर बड़ा कदम उठाया था. डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के साथ अहम व्यापार घाटे वाले करीब साठ देशों या व्यापार समूहों पर नए टैरिफ की एक व्यापक श्रृंखला की घोषणा की थी. यह करीब 100 वर्षों में अमेरिका द्वारा टैरिफ में की गई सबसे बड़ी वृद्धि थी. उन्होंने इस अवसर को मुक्ति दिवस ​​कहा था. डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर भी 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. 25 फीसदी बेसिक टैरिफ है और 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ है.

भारत पर टैरिफ क्यों?
इस बीच अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी जेफरीज की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ इसलिए लगाया है, क्योंकि ट्रंप को भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्रेडिट नहीं मिला. भारत ने कभी नहीं कहा कि ट्रंप ने सीजफायर कराया. जबकि ट्रंप बार-बार खुद कह रहे हैं कि उन्होंने ही पाकिस्तान संग जंग रुकवाई. यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप नाराजा हैं और उन्होंने भारत पर भारी टैरिफ लगाया है.

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