नई दिल्ली : कैलिफोर्निया में अमेरिका की शान माना जाने वाला F-35 फाइटर जेट क्रैश हुआ है. हालांकि इस दुर्घटना में प्लेन का पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया था, लेकिन ये एयरक्राफ्ट एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. इससे पहले यही एयरक्राफ्ट तकनीकी खराबी की वजह से अपने देश के केरल राज्य में उतरा था, जिसकी विदाई कई दिनों बाद हो पाई. तो चलिए जानते हैं अमेरिका के इस पांचवीं पीढी के फाइटर एयरक्राफ्ट के बारे में.
सबसे दिलचस्प बात ये है कि डोनाल्ड ट्रंप अब तक दुनिया भर में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फ्रेंच एयरक्राफ्ट राफेल के डाउन होने की कहानी कह रहे हैं और उनका अपना एडवांस फाइटर जेट कैलिफोर्निया में क्रैश हो गया. ये क्रैश भी किसी युद्ध के दौरान नहीं हुआ है. ऐसे में अमेरिका के चर्चित एफ-35 एयरक्राफ्ट को लेकर एक बार फिर वे देश सोचने को मजबूर हो जाएंगे, जो इसका सौदा कर रहे हैं.
क्या है F-35 एयरक्राफ्ट?
एफ-35 लाइटनिंग II, लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित एक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जो दुनिया के सबसे एडवांस लड़ाकू विमानों में से एक है. यह तीन वेरिएंट्स में तैयार किया जा चुका है –
F-35A (पारंपरिक टेकऑफ और लैंडिंग)
F-35B (शॉर्ट टेकऑफ और वर्टिकल लैंडिंग)
F-35C (नौसेना के लिए कैरियर-आधारित)
क्या है इसकी खासियत?
इस बहुचर्चित फाइटर जेट की प्रमुख विशेषता है इसकी स्टील्थ तकनीक. एफ-35 का ये डिजाइन इसे रडार से बचाने में सक्षम बनाता है, जिससे यह दुश्मन के लिए लगभग अदृश्य रहता है. इसका एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार, डिस्ट्रिब्यूटेड अपर्चर सिस्टम (DAS), और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल टारगेटिंग सिस्टम (EOTS) पायलट को 360-डिग्री युद्धक्षेत्र की जानकारी प्रदान करते हैं. यह विमान हवा, समुद्र, और जमीन पर मौजूद अन्य सैन्य इकाइयों के साथ रियल-टाइम डेटा शेयर करता है, जो इसे युद्ध के लिए परफेक्ट बनाता है. एफ-35 1.6 मैक यानि लगभग 1200 मील प्रति घंटा की गति से उड़ सकता है और 18,000 पाउंड तक हथियार ले जा सकता है. यह हवाई, जमीनी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, और खुफिया जानकारी जुटाने जैसे कई मिशनों को अंजाम दे सकता है.
किन-किन देशों के पास है F-35?
एफ-35 का सौदा करने वाले देशों में दुनिया के 20 देश शामिल हैं, जो या तो इसे संचालित करते हैं या ऑर्डर दे चुके हैं. इन्हें आप इस तरह देख सकते हैं –
संयुक्त राज्य अमेरिका- 2,500 से अधिक विमानों की योजना, वायुसेना, नौसेना, और मरीन कॉर्प्स की ओर से इस्तेमाल
यूनाइटेड किंगडम– 48 F-35B ऑर्डर किए, कुल 138 की योजना
इटली– 17 F-35A और 3 F-35B डिलीवर, कुल 75 ऑर्डर.
जापान- 105 F-35A और 42 F-35B ऑर्डर, मित्सुबिशी की ओर से असेंबलिंग
इजरायल: 42 F-35I, कुल 75 ऑर्डर
इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, नॉर्वे, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, डेनमार्क, और कनाडा ने भी इसे अपनाया है. इसके अलावा हाल ही में रोमानिया, चेक गणराज्य, और ग्रीस ने ऑर्डर दिए हैं. F-35 की लागत लगभग $2 ट्रिलियन है और इसकी डिलीवरी में देरी ने इसे और विवादास्पद बनाया है.