अखिलेश ने खुद अपने हस्ताक्षर कर वापस लिया केस, और कही ये बड़ी बात

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में गुरुवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा उनके विरुद्ध दर्ज जिस मुकदमे को वापस लिए जाने की बात कही थी, वह मुकदमा वर्ष 2007 में दर्ज हुआ था। चुनाव आयोग ने मुजफ्फरनगर के खतौली में चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया था।

अखिलेश पर चुनाव प्रचार के दौरान निर्धारित संख्या से अधिक वाहनों का प्रयोग करने का आरोप था। मामले में अखिलेश यादव के अलावा संजय चौहान, शाहिद अखलाक, राम कुमार यादव व प्रमोद त्यागी भी आरोपी थे। आठ वर्षों तक यह मुकदमा लंबित रहा। वर्ष 2012 में जब सपा सत्ता में आई तो इस मामले की जांच के लिए सरकार की तरफ से प्रमुख सचिव, कानून व प्रमुख सचिव, गृह की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई थी।

आचार संहिता उल्लंघन के मामले की कमेटी ने इसे राजनीति से प्रेरित केस बताकर मुकदमा वापसी की सिफारिश की थी। जिसके उपरांत बतौर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कमेटी की सिफारिश पर 23 सितंबर, 2016 को हस्ताक्षर किये थे और मुकदमा वापस ले लिया गया था। इसके अलावा सपा सरकार ने वर्ष 2013 में सात जिलों में आतंकी हमले से जुड़े 21 आरोपियों के विरुद्ध दर्ज 14 मुकदमे एक साथ वापस लिए थे।

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