बेटिंग ऐप से जुड़ा मामले में ED के सामने पेश हुई एक्ट्रेस लक्ष्मी मंचू

मनोरंजन

मुंबई : अमिताभ बच्चन और संजय दत्त स्टारर फिल्म में काम कर चुकी एक्ट्रेस लक्ष्मी मंचू प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने आज पेश हुईं. राम गोपाल वर्मा ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया था. फिल्म का नाम ‘डिपार्टमेंट’ है. ईडी, लक्ष्मी से बेटिंग ऐप प्रमोशन मामले में पूछताछ कर रही है. लक्ष्मी सुबह करीब 10 बजकर 30 मिनट पर हैदराबाद के बशीरबाग स्थित ईडी के रिजनल ऑफिस पहुंची थीं. ईडी इससे पहले, बेटिंग ऐप मामले में राणा दग्गुबाती, विजय देवरकोंडा और प्रकाश राज से 4-5 घंटे पूछताछ कर चुकी है.

ईडी अधिकारियों ने उनसे सट्टेबाजी ऐप्स के एडवर्टीजमेंट, उनके साइन किए कॉन्ट्रैक्ट और प्राप्त फीस के बारे में पूछताछ की. केंद्रीय एजेंसी ने उनके बयान दर्ज किए और वित्तीय लेनदेन से संबंधित पूछताछ भी की. मंचू लक्ष्मी इस मामले में ईडी के सामने पेश होने वाली चौथी कलाकार हैं. वह तेलुगू स्टार विष्णु मंचु और मंचू मनोज की बहन हैं.

इससे पहले प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा और राणा दग्गुबाती भी ईडी के सामने पेश हो चुके हैं. इन अभिनेताओं से 4-5 घंटे तक पूछताछ की गई थी. राणा दग्गुबाती से सोमवार को करीब चार घंटे तक सवाल-जवाब हुए. ईडी ने पिछले महीने राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा और मंचू लक्ष्मी को इस मामले में समन जारी किया था. प्रकाश राज 30 जुलाई और विजय देवरकोंडा 6 अगस्त को ईडी के सामने पेश हुए थे.

29 हस्तियों के खिलाफ बेटिंग ऐप से जुड़े केस को दर्ज किया गया
यह मामला 29 हस्तियों, जिनमें अभिनेता, प्रभावशाली लोग और यूट्यूबर शामिल हैं, के खिलाफ दर्ज किया गया है. इन पर गैरकानूनी सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा देने का आरोप है, जो पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 1867 का उल्लंघन करता है. ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की है, जो तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में दर्ज पांच एफआईआर पर आधारित है.

मार्च 2024 में विजय देवरकोंडा-प्रकाश राज समेत कई लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
मार्च 2024 में साइबराबाद पुलिस ने विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज और अन्य के खिलाफ सट्टेबाजी ऐप्स को बढ़ावा देने के लिए मामला दर्ज किया था. राणा और विजय ने दावा किया कि उन्होंने केवल कानूनी ऑनलाइन स्किल-बेस्ड गेम्स का प्रचार किया.

प्रकाश राज ने नहीं लिए थे पैसे, प्रमोशन भी नहीं किया
विजय देवरकोंडा ने 6 अगस्त को पूछताछ के बाद कहा कि उन्होंने एक गेमिंग ऐप का प्रचार किया था, जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और लाइसेंस प्राप्त है. उन्होंने अपने खाते, कंपनी और वित्तीय लेनदेन की जानकारी दी. वहीं, प्रकाश राज ने बताया कि उन्होंने 2016 में एक गेमिंग ऐप का विज्ञापन किया था, लेकिन नैतिक कारणों से कोई भुगतान नहीं लिया और बाद में इसका प्रचार बंद कर दिया. ईडी अब इस मामले में वित्तीय लेनदेन और प्रचार गतिविधियों की गहराई से जांच कर रही है.

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