ठेका समाप्त न होने से नगर निगम के ठेका सफाई कर्मचारी भड़क गए। सोमवार को उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले नगर निगम गेट पर धरना देकर आक्रोश जताया। उन्होंने नगर निगम पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए चेताया कि यदि मांग जल्द पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान संघ के अध्यक्ष सुनील रौतकी व महामंत्री मनोज कुमार ने कहा कि ठेकेदार शासन से प्रति सफाई कर्मचारी को मानदेय के नाम पर 12 हजार रुपये का भुगतान ले रहा है, जबकि सफाई कर्मचारी के हाथ में सात हजार रुपये आ रहे हैं। बाकी मानदेय कहां गया। इसकी शिकायत कई बार नगर आयुक्त रिकू बिष्ट से की गई, लेकिन अभी तक न ही ठेकेदार पर कार्रवाई की गई न ही इस मामले में ध्यान दिया गया। आउटसोर्सिग के माध्यम से सफाई कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। पीएफ के खाते में भी ठेकेदार की तरफ से धनराशि जमा नहीं की जा रही है। अध्यक्ष ने कहा कि अब तक स्वच्छता समिति का गठन नहीं किया गया। जबकि बार-बार बोर्ड बैठक में मेयर की तरफ से आश्वस्त किया गया है। इसके बाद भी नगर आयुक्त ने समिति का गठन नहीं किया। इससे साफ जाहिर है कि नगर निगम सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण के प्रति गंभीर नहीं है। कहा कि पूर्व में आठ सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम भेजा गया था। उन मांगों को पूरा किया जाए। इस मौके पर संघ के जियालाल, राजीव खैरालिया, राहुल राजौरिया, सुनील कुमार, मुकेश कुमार, राजपाल, सुनील, रिकू मनौठिया, विक्की, अनिल कुमार मौजूद थे।