उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की बहन और प्रभावशाली अधिकारी किम यो जोंग (Kim Yo-jong) ने अमेरिका के साथ वार्ताओं और देश की नीतियों को लेकर स्पष्ट रुख साफ किया है।
इस खबर से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. शांति के लिए बातचीत एक विकल्प
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किम यो जोंग ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत करना क्षेत्रीय शांति स्थापित करने का केवल एक विकल्प हो सकता है, लेकिन यह उत्तर कोरिया की प्राथमिक मजबूरी नहीं है।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्योंगयांग अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का दबाव बर्दाश्त नहीं करेगा।
2. राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं
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उत्तर कोरिया ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता के साथ कभी कोई समझौता नहीं करेगा।
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देश की नीतियों के मुताबिक, परमाणु और सामरिक कार्यक्रमों के संदर्भ में उनका रुख साफ है कि वे अपनी सुरक्षा प्राथमिकताओं को सबसे ऊपर रखते हैं।
3. नेताओं के बीच संभावित बैठकों पर अटकलें
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अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कूटनीतिक गलियारों में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच संभावित मुलाकातों को लेकर अक्सर अटकलें लगाई जाती रही हैं।
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हालांकि, उत्तर कोरिया की तरफ से इस दिशा में अभी तक कोई खास सकारात्मक संकेत नहीं दिए गए हैं, जिससे कूटनीतिक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है।
