तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों से देश को हुए नुकसान के लिए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मांग की है कि इन हमलों से हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए और ईरानी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस व गंभीर प्रयास किए जाएं।
न्यायपालिका के साथ बैठक और प्रमुख चर्चाएं
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मुआवजे और अधिकारों की मांग: देश के न्यायपालिका प्रमुख गोलामहुसैन मोहसेनी-एजेई के साथ हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान सर्वोच्च नेता ने जोर दिया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए कथित ‘अपराधों’ के कारण हुए आर्थिक एवं गैर-आर्थिक नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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न्यायिक सुधार और भ्रष्टाचार पर प्रहार: इस बैठक में न्याय व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने, अदालतों में मामलों का तेजी से निपटारा करने, भ्रष्टाचार के मूल कारणों पर प्रभावी कार्रवाई करने तथा अपराधियों पर सख्ती बरतने की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
पृष्ठभूमि और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान
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तनावपूर्ण हालात: गौरतलब है कि गत 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल और क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए थे।
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ट्रंप की चेतावनी: इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना जताते हुए दावा किया है कि यदि अमेरिका चाहे तो ईरान के सारे तेल संसाधनों और पूरे देश पर नियंत्रण कर सकता है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर संभावित नए हमलों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
