लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। एआई (AI) वीडियो को लेकर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि यदि अखिलेश यादव को एआई का इतना ही शौक है, तो उन्हें अपनी पार्टी का नाम ‘समाजवादी’ से बदलकर ‘एआई-वादी’ रख लेना चाहिए।
एआई वीडियो और सोशल मीडिया की राजनीति पर सवाल
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जमीन से दूरी का आरोप: राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव जनता के बीच जमीन पर उतरने के बजाय एआई वीडियो और सोशल मीडिया के जरिए राजनीति कर रहे हैं।
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सैफई महोत्सव का मलाल: राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे सैफई महोत्सव न मना पाने के मलाल में वे अपना यह शौक अब एआई के माध्यम से पूरा कर रहे हैं।
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मुलायम सिंह यादव के सिद्धांतों का जिक्र: उन्होंने कहा कि जिस पार्टी की स्थापना मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी विचारों के आधार पर की थी, उसे अखिलेश यादव ने एआई वाली ‘नौटंकी’ बनाकर रख दिया है। एसी कमरे में बैठकर एआई वीडियो बनाने और अंग्रेजी गानों पर वीडियो शेयर करने को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
गांव, गरीब और जनता का मुद्दा
सुभासपा प्रमुख ने कहा कि राजनीति एसी कमरों में बैठकर मोबाइल स्क्रीन पर नाच-गाने या रील बनाने से नहीं, बल्कि गांव, गरीब और किसानों के बीच जाकर पसीना बहाने से होती है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पिछले 10 वर्षों से सत्ता से बाहर हैं, इस दौरान उनके पास प्रदेश के गांवों का दौरा करने का पूरा मौका था, लेकिन उन्होंने इसका उपयोग करने के बजाय सोशल मीडिया पर समय बिताया।
पिछड़ों और बहुजन समाज का रुख
राजभर ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के गैर-यादव पिछड़े और बहुजन समाज के लोग अब अखिलेश यादव के झांसे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसा नेता नहीं चाहिए जो खेत-खलिहान छोड़कर इंटरनेट पर वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी उन्होंने सपा अध्यक्ष की इस शैली पर सवाल खड़े किए हैं।
