कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में 17 सितंबर को हुई भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में भाजपा नेताओं के नाम सामने आने के बाद, राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूजा का आयोजन और तमाम जरूरी इंतजाम आयोजक ही संभालते हैं, ऐसे में कई बार आयोजनों की अंदरूनी गतिविधियों या व्यवस्थाओं की जानकारी नेताओं को नहीं होती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसकी पहचान की जानी चाहिए और उसे कानून के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए।
दिलीप घोष का बयान
मीडिया से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने कहा, “दुर्गा पूजा समारोहों में शामिल होने के लिए अक्सर राजनीतिक नेताओं, जानी-मानी हस्तियों और मशहूर लोगों को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया जाता है। मुझे भी दो-तीन कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया था। लेकिन पूजा के प्रबंध आयोजकों द्वारा किए जाते हैं। ऐसे में यदि किसी गतिविधि के दौरान कोई अप्रिय घटना हो जाती है, तो कई बार हमें उसकी पूरी जानकारी नहीं होती, बावजूद इसके हमारा नाम उससे जुड़ जाता है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। अब चूंकि मामले की जांच शुरू हो चुकी है, इसलिए सभी तथ्य खुलकर सामने आने चाहिए ताकि दोषी व्यक्ति की पहचान हो सके।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा और सतर्कता
इस दौरान दिलीप घोष ने बंगाल में फेस्टिव सीजन का जिक्र करते हुए कहा कि राज्यभर में दुर्गा पूजा का जश्न बहुत उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और हाल ही में रावण दहन के कार्यक्रम संपन्न हुए हैं। आगे आने वाले त्योहारों (जैसे दिवाली) के मद्देनजर उन्होंने आशंका जताई कि कुछ असामाजिक तत्व इन अवसरों का फायदा उठाकर किसी बड़ी साजिश या विस्फोट की घटना को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस इस स्थिति को लेकर पूरी तरह गंभीर और सतर्क हैं ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके।
