नई दिल्ली में चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों और ‘सरकार बदलने’ (Regime Change) वाले बयान पर राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने खुलकर इस शब्द का बचाव किया है।
“भाजपा क्यों दिखावटी गुस्सा दिखा रही है?”
पी चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि बीजेपी ‘रिजीम चेंज’ शब्द के इस्तेमाल पर बेवजह और दिखावटी गुस्सा क्यों भड़का रही है? उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सरकार बदलना या सत्ता परिवर्तन एक बेहद सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।
उन्होंने आगे कहा, “विपक्ष का मुख्य काम सरकार का विरोध करना, उसे जनता के सामने बेनकाब करना और चुनावों के माध्यम से सत्ता से हटाना है। इसका मतलब संसद में सरकार की नीतियों की आलोचना करना और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव में जीत हासिल करना है।”
विपक्ष के बयानों पर गरमाई राजनीति
यह विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली में ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ वक्ताओं और नेताओं ने ‘सरकार बदलने की लड़ाई’ का जिक्र किया। इस दौरान कुछ छात्र नेताओं द्वारा बांग्लादेश के ‘जेन जी मूवमेंट’ का भी हवाला दिया गया, जिस पर सत्ताधारी दल ने तीखी आपत्ति जताई थी।
भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इस तरह के बयानों पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया था कि ‘रिजीम चेंज’ जैसे शब्दों का उपयोग विदेशी ताकतों के साथ मिलकर या साज़िश के तहत सरकारों को अस्थिर करने की मंशा को दर्शाता है।
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सत्ता जाने के डर से बौखला गई है और इसीलिए शासन बदलने की मांग को देश-विरोधी बताने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने दो टूक कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से इस सरकार को बदलना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।
