शारदीय नवरात्रि की महासप्तमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कालरात्रि के स्वरूप का स्मरण करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मां कालरात्रि का संदेश हमें सिखाता है कि अधर्म और आतंक का अंत ही एक भयमुक्त समाज की स्थापना का आधार है।
“2017 से पहले प्रदेश में था अपराधियों और दंगाइयों का आतंक”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखते हुए सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफियों, दंगाइयों और अपराधियों का आतंक इस प्रकार फैला था जैसे पौराणिक कथाओं में ‘रक्तबीज’ का होता है। इस अराजकता के माहौल ने बहन-बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के मार्ग में बड़ी रुकावटें पैदा कर दी थीं।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से स्थापित हुआ कानून का राज
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पिछले 9.5 वर्षों में डबल इंजन सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत इन सभी आसुरी शक्तियों का पूरी तरह दमन किया गया है, जिससे राज्य में कानून का राज और एक सुरक्षित वातावरण स्थापित हुआ है।
बदली हुई कानून-व्यवस्था और नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी
महिला सुरक्षा और राज्य के विकास के आंकड़ों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा:
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बेहतर रिस्पॉन्स टाइम: पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम जो वर्ष 2016 में 65 मिनट हुआ करता था, वह घटकर अब मात्र 5 मिनट रह गया है।
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बढ़ा हुआ आत्मविश्वास: आज इसी सुरक्षा और विश्वास के कारण महिलाएं नाइट शिफ्ट में भी पूरी तरह निडर होकर काम कर रही हैं।
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आर्थिक विकास में योगदान: महिला श्रम बल की भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। आज नारी शक्ति ‘अर्थशक्ति’ बनकर उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास और जीएसडीपी की बढ़ोतरी में अहम योगदान दे रही है।
