लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए एक बड़ा राजनीतिक संकल्प व्यक्त किया है। देवरिया और लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने यह संकल्प लिया है कि जैसे ही केदारेश्वर धाम का निर्माण कार्य पूरा होगा, वे रामनगरी अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन अवश्य करेंगे।
मुख्य बिंदु:
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शुभ मुहूर्त की तैयारी: अखिलेश यादव ने पूर्व विधायक पवन पांडे को निर्देश दिया है कि वे अयोध्या के प्रमुख महंतों और विद्वान पंडितों से विचार-विमर्श करके मंदिर दर्शन के लिए उचित शुभ मुहूर्त निकलवाएं।
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सनातन धर्म पर विचार: सपा प्रमुख ने सनातन धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि सनातन का वास्तविक अर्थ ‘सत्य और सेवा का मार्ग’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी खुद को सनातन की एकमात्र ध्वजवाहक बताकर केवल राजनीति कर रही है।
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अयोध्या विकास और स्थानीय जनता का मुद्दा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने का सुझाव देने के विषय पर उन्होंने कहा कि यह कोई चुनौती नहीं, बल्कि एक सहज राजनीतिक सलाह थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय शहर बनाने का दावा तो किया, लेकिन विकास के नाम पर वहां की स्थानीय जनता के घर और दुकानें छीन ली गईं तथा उन्हें सही बाजार भाव नहीं दिया गया।
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जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर हमला: जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ रखने के मुद्दे पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय और सनातनी परंपराओं में किसी भी जीवित व्यक्ति के नाम पर एयरपोर्ट या स्मारक बनाना अशोभनीय माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादियों द्वारा बनाए गए कुशीनगर एयरपोर्ट के ढांचे को भी बीजेपी सरकार ठीक से चलाने में नाकाम रही है।
