लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेवर (ग्रेटर नोएडा) में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ करने का निर्णय लिया गया।
इस कैबिनेट बैठक में कुल 39 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
1. पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल का सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक व प्रशासनिक सेवाकाल के उपलक्ष्य में प्रदेश कैबिनेट ने उनके योगदान के प्रति आभार जताते हुए यह प्रस्ताव पारित किया है।
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सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान (जैसे राम मंदिर निर्माण और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर) के ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
2. जेवर एयरपोर्ट की मुख्य विशेषताएं
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परियोजना का पहला चरण: लगभग ₹11,000 करोड़ की लागत से 3,300 एकड़ में टर्मिनल और रनवे तैयार किए गए हैं।
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शुरुआती क्षमता: इसके पहले चरण से सालाना लगभग 1.2 करोड़ यात्री यात्रा कर सकेंगे।
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भविष्य की योजना: सभी चार चरण पूरे होने के बाद यह एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बन जाएगा।
3. कैबिनेट बैठक के अन्य प्रमुख निर्णय
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1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें: राज्य के 18 नगर निगम क्षेत्रों में नगरीय परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए 1,725 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इनमें से 50% बसें उत्तर प्रदेश में निर्मित की जाएंगी।
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औद्योगिक व आर्थिक गति: लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई और पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स से यूपी में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
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जन-कल्याणकारी योजनाएं: राज्य में अब तक 65 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाए जा चुके हैं और 3.67 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त खाद्यान्न दिया जा रहा है।
