लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में आए बदलावों और उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अब मजबूरी में इलाज कराने के बजाय स्वास्थ्य सुरक्षा का विश्वास जगा है, जो ‘स्वस्थ और सक्षम उत्तर प्रदेश’ की नई पहचान बन चुका है।
1. ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’
सीएम योगी ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 2017 के बाद से डबल इंजन सरकार ने प्रदेश की पुरानी लचर स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बदल दिया है।
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उन्होंने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश की पहचान कभी ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ के रूप में होती थी, आज वही प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
2. मेडिकल कॉलेजों और सीटों में भारी बढ़ोतरी
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का आंकड़ा पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया:
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मेडिकल कॉलेज: वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल 36 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 85 हो चुके हैं।
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MBBS सीटें: एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो गई हैं।
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इससे युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिले हैं और आम जनता को अपने घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो रहा है।
3. 10 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत राज्य के 10 करोड़ से अधिक नागरिक आच्छादित हैं। इससे लोग अब गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज की चिंता से मुक्त होकर गरिमापूर्ण जीवन जी रहे हैं।
4. जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण
ग्रामीण और ब्लॉक स्तर तक बेहतर इलाज पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं:
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प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक जांच व इलाज की आधुनिक सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।
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डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ऑक्सीजन प्लांट, ब्लड स्टोरेज यूनिट्स, क्रिटिकल केयर ब्लॉक और पब्लिक हेल्थ लैब विकसित किए गए हैं।
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इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को त्वरित और बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है ताकि बड़े अस्पतालों पर निर्भरता कम हो सके।
