अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उनका व्यक्तिगत रूप से मानना है कि फ्लाईदुबाई (FlyDubai) की फ्लाइट पर हुए हमले की साजिश के पीछे ईरान का हाथ था। हालांकि, उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष सबूत प्रस्तुत नहीं किया है।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबाई की उड़ान (FZ1073) में ओमान निवासी को-पायलट हमम अल-हम्मामी ने कॉकपिट के अंदर भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर हमला कर दिया था, जिसे कैप्टन और यात्रियों के अदम्य साहस से हवा में ही नाकाम कर दिया गया।
मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु
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ट्रंप का बयान: वॉशिंगटन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वे इस घटना के पीछे तेहरान (ईरान) को जिम्मेदार मानते हैं, तो उन्होंने कहा, “हाँ, व्यक्तिगत तौर पर मेरा यही मानना है।”
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उपराष्ट्रपति और इजरायल का सतर्क रुख: ट्रंप के बयान से अलग, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां अभी जांच कर रही हैं और ईरान को सीधे तौर पर जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत अभी सामने नहीं आया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि इस चरण में निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी।
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ब्रिटेन एयरबेस और अन्य चेतावनियों पर बयान: हाल ही में ब्रिटेन स्थित एयरबेस से अमेरिकी B-1 बॉम्बर विमानों को स्थानांतरित किए जाने के सवाल पर ट्रंप ने पुष्टि की कि संभावित खतरों और धमकियों को देखते हुए सतर्कता के तौर पर यह कदम उठाया गया।
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कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार: राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के साथ किसी भी प्रत्यक्ष कूटनीतिक बातचीत के विकल्प से पीछे नहीं हटे हैं और अमेरिका हमेशा बातचीत के लिए तैयार रहता है।
फ्लाईदुबाई घटना के संदिग्ध को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सौंप दिया गया है, जहाँ बहुराष्ट्रीय एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं।
