मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राउत ने कहा कि युवाओं और प्रदर्शनकारियों को लाठी, गोली या बंदूक के दम पर नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि देश की राजनीति में आने वाले जनवरी और फरवरी तक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
“तानाशाही के बावजूद युवा एकजुट, लोग जेल जाने को तैयार”
दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई में हुए हालिया विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए संजय राउत ने कहा:
“चाहे लाठी हो, गोली हो या बंदूक—आप हमें रोक नहीं सकते। कल जंतर-मंतर और मुंबई में भारी तानाशाही देखने को मिली, फिर भी युवा एकजुट हुए। लोगों ने गिरफ्तारियां दीं, जेल गए और पुलिस का सामना किया। लाठी से क्या फर्क पड़ेगा? आगे बढ़कर गोलियां चलाइए, आपने पेलेट गन का भी इस्तेमाल करके देख लिया है, लेकिन लोग रुकने वाले नहीं हैं।”
उन्होंने कहा कि जनता का आक्रोश बढ़ रहा है और अब प्रधानमंत्री व गृह मंत्री को जाना होगा।
पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना
सियासी बयानबाजी के बीच संजय राउत ने कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस की जमकर तारीफ की।
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35 हजार फीट की ऊंचाई पर फैसला: उन्होंने कहा कि जमीन से 35,000 फीट ऊपर ऐसा साहसिक कदम उठाना और एक आतंकी से भिड़ जाना बेहद गर्व की बात है।
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पूरे देश का नायक: राउत ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने एक सच्चे भारतीय और बहादुर नागरिक का फर्ज निभाया है, जिस पर पूरे देश को नाज़ है।
