नई दिल्ली: कर्नाटक में पड़े भीषण सूखे से लाखों किसान परिवारों पर गहराते संकट को देखते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। खड़गे ने प्रधानमंत्री से इस मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने और राज्य को राष्ट्रीय आपदा मोचन कोष (NDRF) के तहत बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के ₹3,705.30 करोड़ की अंतरिम राहत राशि तुरंत जारी करने की मांग की है।
संकट का पैमाना और वित्तीय नुकसान
खड़गे ने पत्र में स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया:
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फसलों व अर्थव्यवस्था को नुकसान: सूखे के कारण राज्य को लगभग ₹18,748.23 करोड़ का कुल अनुमानित नुकसान हुआ है।
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प्रभावित आबादी: राज्य के 31 लाख से अधिक किसान परिवार इस गंभीर आपदा की चपेट में हैं और उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
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सूखा प्रभावित क्षेत्र: राज्य सरकार ने 177 तालुकों को पहले ही सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है और अन्य क्षेत्रों का आकलन जारी है।
खड़गे की प्रमुख मांगे और अपील
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राजनीतिक मतभेदों से ऊपर सहायता: खड़गे ने स्पष्ट किया कि सूखे से राहत प्रदान करना एक विशुद्ध मानवीय आवश्यकता है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक मतभेदों से परे हटकर केवल योग्यता व मानवीय आधार पर सहायता जारी की जानी चाहिए।
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केंद्रीय टीम (IMCT) का दौरा: उन्होंने तीन अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (IMCT) को तुरंत कर्नाटक के प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में भेजकर नुकसान का विस्तृत आकलन कराने का अनुरोध किया।
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आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति: उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार त्वरित कदम उठाएगी, ताकि प्रभावित नागरिकों को भोजन, पीने का पानी, पशुओं के लिए चारा और आजीविका की सुरक्षा समय पर मिल सके।
गृह मंत्री को भी भेजी प्रति
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि उन्होंने इसी प्रकार का पत्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजा है, ताकि राज्य को जल्द से जल्द राहत कोष उपलब्ध कराया जा सके।
