राहुल गांधी ने लॉन्च किया डिजिटल ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म: बोले— “अन्याय के खिलाफ अकेले न लड़ें, पूरे देश के संघर्षों को एक नक्शे पर लाएंगे”

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नई दिल्ली: लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और देश भर में चल रहे विभिन्न जन-आंदोलनों को एकजुट करने के उद्देश्य से ‘सत्याग्रह’ नामक एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म (rahulgandhi.in/satyagraha) की शुरुआत की है। महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और जनभागीदारी के सिद्धांतों से प्रेरित इस पहल के माध्यम से देश का कोई भी नागरिक या समूह अपने खिलाफ हो रहे अन्याय और अधिकारों की लड़ाई की जानकारी साझा कर सकता है।

“सत्याग्रह” डिजिटल प्लेटफॉर्म की प्रमुख बातें

  1. डिजिटल मैप पर दिखेगा संघर्ष: इस मंच का मुख्य उद्देश्य देश के अलग-अलग कोनों (गांव, कस्बे, शहर) में चल रहे स्थानीय आंदोलनों को एक राष्ट्रीय डिजिटल मानचित्र (National Digital Map) पर प्रदर्शित करना है, ताकि लोगों को पता चल सके कि देश में कहाँ-कहाँ समान मुद्दों पर लड़ाई लड़ी जा रही है।

  2. इन मुद्दों को मिलेगी आवाज: जमीन के अधिकार, किसान-मजदूर की समस्याएं, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, महिला सुरक्षा, जातिगत भेदभाव, भ्रष्टाचार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर लड़ रहे लोग अपनी बात रख सकेंगे।

  3. सीधा संपर्क व सहयोग: प्लेटफॉर्म पर जानकारी दर्ज करने के बाद संबंधित व्यक्तियों या समूहों से संपर्क किया जाएगा। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी उनकी आवाज को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उठाने के साथ संभव सहायता प्रदान करेगी।

“नेता प्रतिपक्ष के रूप में यह मेरी संवैधानिक जिम्मेदारी” — राहुल गांधी

इस अभियान को लॉन्च करते हुए राहुल गांधी ने देश के युवाओं (Gen Z), किसानों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और छात्रों से आह्वान करते हुए कहा:

“देशभर में लोग अपने हक के लिए अकेले लड़ रहे हैं और अक्सर जो आवाज अकेली उठती है, उसे दबा दिया जाता है। बापू ने हमें सत्याग्रह सिखाया था। नेता प्रतिपक्ष के रूप में जहां भी सत्य को दबाया जाएगा, वहां लोगों के साथ खड़े होना मेरी जिम्मेदारी है। कोई भी व्यक्ति जो अन्याय से लड़ रहा है, वह अकेला नहीं है—आपकी लड़ाई मेरी लड़ाई है।”

‘संघर्ष जोड़ो, भारत जोड़ो’ का संदेश

कांग्रेस का कहना है कि ‘सत्याग्रह’ प्लेटफॉर्म के जरिए ‘संघर्ष जोड़ो, भारत जोड़ो’ के विजन को आगे बढ़ाया जा रहा है। पार्टी का मानना है कि अलग-अलग बिखरी आवाजों को एक मंच पर जोड़कर देश में लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत किया जाएगा।

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