उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चलाए जा रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान को लेकर इंदौर हाईकोर्ट से प्रशासन को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने उज्जैन स्थित शाही मस्जिद कमेटी की याचिका को खारिज करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर स्टे (रोक) लगाने से इनकार कर दिया है। इस फैसले से कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है।
मामला क्या था?
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900 मीटर लंबा मार्ग: प्रशासन द्वारा 900 मीटर लंबे इस रास्ते को 15 मीटर चौड़ा करने के लिए 7 चिन्हित धार्मिक स्थलों के प्रभावित हिस्सों को हटाया जा रहा था।
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अदालत में चुनौती: बोहरा समाज की मस्जिद समेत ज्यादातर स्थलों के हिस्से आपसी सहमति से हटा लिए गए थे, लेकिन शाही मस्जिद कमेटी ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में याचिका दायर कर दी थी।
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कोर्ट का रुख: दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कमेटी की अर्जी खारिज कर दी।
बवाल, पथराव और पुलिस कार्रवाई
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सहमति के बाद हंगामा: शहर काजी और स्थानीय प्रशासन के बीच बैठक में तय हुआ था कि मस्जिद प्रबंधन खुद प्रभावित हिस्से को हटाएगा। सोमवार सुबह जब काम शुरू हुआ, तब सोशल मीडिया पर वायरल संदेशों के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
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उपद्रव और आंसू गैस: उपद्रवियों ने बैरिकेड्स तोड़कर पुलिस पर पथराव किया, जिसके जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और बल प्रयोग करना पड़ा। इसमें कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।
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10 संदिग्ध हिरासत में: पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें 5 लोग सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले और 5 बाहरी व्यक्ति शामिल हैं। सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज की मदद से अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
