नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली दो इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) क्षेत्रीय सम्मेलनों (कॉन्फ्रेंस) के स्थगित होने को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि सरकारी या आधिकारिक कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव करना एक नियमित और सामान्य प्रक्रिया है, जिसे अनावश्यक विवादों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
मुख्य बिंदु और आयोग का स्पष्टीकरण:
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प्रशासनिक कारणों से हुआ बदलाव: आयोग के अनुसार, सम्मेलनों की तारीखों में फेरबदल स्थल (वेन्यू) की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के व्यस्त शेड्यूल और अन्य लॉजिस्टिकल व प्रशासनिक कारणों से किया जाता है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया का हिस्सा है।
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अन्य राज्यों के उदाहरण: निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड जैसे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ELC कार्यक्रमों की तारीखों में स्थिति के अनुसार बदलाव या उन्हें स्थगित किया गया है। UP के दो कार्यक्रमों को स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को ही ले लिया गया था।
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ELC 2.0 अभियान का हिस्सा: आयोग आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मतदाता जागरूकता पहल के तहत चरणबद्ध तरीके से ‘ELC 2.0’ कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों और युवा मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया, लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव आयोग के कामकाज से परिचित कराना है।
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लखनऊ सम्मेलन का संदर्भ: इससे पहले, ELC 2.0 के तहत दूसरा क्षेत्रीय सम्मेलन 24 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने की थी। इसमें राज्य भर के स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया था।
ELC अभियान का उद्देश्य:
‘ELC 2.0’ पहल की टैगलाइन “लर्न डेमोक्रेसी, लीड डेमोक्रेसी” (लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें) है। इसके माध्यम से चुनाव आयोग पहली बार वोट देने वाले युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय और जागरूक भागीदार बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
