लखनऊ, 9 सितंबर। राष्ट्रीय परशुराम परिषद, उत्तर प्रदेश का एक दिवसीय अधिवेशन बुधवार को संघ भवन स्थित डिप्लोमा इंजीनियर संघ परिसर में संपन्न हुआ। अधिवेशन में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, भगवान श्री परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा, सनातन संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों के संरक्षण सहित विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा कर आगामी कार्ययोजना तैयार की गई।अधिवेशन के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के निवर्तमान मंत्री पंडित सुनील भराला ने संगठन की एकजुटता, अनुशासन और सक्रियता पर जोर देते हुए युवाओं को सामाजिक एवं राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने परिषद के पदाधिकारियों से संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की अपील की।बैठक में आगामी 15, 16 और 17 नवंबर को प्रस्तावित भगवान श्री परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर में प्रचार-प्रसार और पंजीयन अभियान तेज करने का निर्णय लिया गया। साथ ही UGC से जुड़े मुद्दे पर परिषद की मांग को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने तथा भगवान श्री परशुराम के अवतरण दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग को प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनी।अधिवेशन में जिला, महानगर एवं तहसील स्तर पर संगठन विस्तार, कार्यकारिणियों के गठन और सदस्यता अभियान को गति देने का निर्णय लिया गया। इस दौरान भगवान श्री परशुराम की विरासत, सनातन संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।कार्यक्रम में राज्य मंत्री असीम अरुण, राष्ट्रीय परशुराम परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अशोक शर्मा, संतोष पाण्डेय, अंकुर शर्मा, बाल गोविंद दीक्षित, जीवन शर्मा, सी.एम. पाण्डेय, दीपक पाण्डेय, कुशल पाण्डेय, कृष्णा शर्मा, डॉ. रघुनाथ शर्मा, मनोज शर्मा, नितेश पाण्डेय, पवन त्यागी सहित राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।अधिवेशन के समापन पर पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन को अधिक मजबूत और सक्रिय बनाने तथा समाजहित से जुड़े मुद्दों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
