कौशांबी : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले स्थित मोहम्मदपुर मनौरी में हुए भयावह पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। हादसे में मासूम बच्चों समेत 11 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमला एक्शन मोड में है। मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद आदिल के अवैध गोदाम को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई जारी है।

पुलिस महकमे में हड़कंप, 5 पर गाज
घटना में घोर लापरवाही और अवैध संचालन की सूचना न देने पर एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने सख्त कदम उठाया है। पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चायल चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी इंचार्ज मनीष पाल को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं बीट सिपाही जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

6 नामजद, गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
थाना पिपरी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम की धारा के तहत नौशाद अली, शकील और उनकी पत्नियों समेत 6 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने शबाना और साइना को हिरासत में ले लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 4 टीमें दबिश दे रही हैं। कौशांबी DM अमित पाल शर्मा के अनुसार, यह फैक्ट्री 2024 में ही सस्पेंड की जा चुकी थी। दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाकर संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

मासूमों की गई जान, राहत राशि घोषित
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 11 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 4 से 12 वर्ष तक के 7 बच्चे शामिल हैं। हादसे में गंभीर रूप से घायल 5 लोगों का इलाज प्रयागराज के SRN अस्पताल में चल रहा है। NDRF और SDRF की टीमें अभी भी राहत कार्य में लगी हुई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।
