नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में 24 सदस्यीय चालक दल वाला एक व्यापारी जहाज समुद्र में आपदा का शिकार हो गया। पनामा के झंडे वाला यह बल्क कैरियर बंगाल की खाड़ी में डूब गया। जहाज पर 24 क्रू मेंबर्स सवार थे। इसको देखते हुए तुरंत ही भारतीय नौसेना एक्शन में आई। पनामा ध्वज वाले मालवाहक जहाज ‘एमवी ओशन विनर’ के क्रू मेंबर की तलाश में नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है। जहाज पर 20 चीनी, 3 म्यांमार और 1 बांग्लादेशी नागरिक सवार थे। इस अभियान में अब तक एक व्यापारिक जहाज एमटी ऐसोपोस ने दो चालक दल सदस्यों को लाइफराफ्ट से बचाया है, जबकि बाकी लोगों की तलाश जारी है। जहाज से संपर्क टूटने के बाद नौसेना ने अपने पी-8आई समुद्री निगरानी विमान को तत्काल खोज एवं बचाव मिशन के लिए लगाया। भारतीय नौसेना के अनुसार, 22 अगस्त को विशाखापत्तनम से करीब 700 किलोमीटर पूर्व एमवी ओशन विनर के संबंध में संकट संदेश प्राप्त हुआ था। इसके बाद नौसेना ने श्री विजय पुरम स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र के साथ तालमेल स्थापित किया। साथ ही नौसेना निगरानी मिशन पर तैनात अपने पी-8आई विमान को तत्काल खोज एवं बचाव अभियान के लिए पुन तैनात किया। पी-8आई विमान ने इलाके में बिखरे हुए लाइफराफ्ट का पता लगाया। इसके बाद नौसेना ने आसपास से गुजर रहे व्यापारिक जहाज एमटी ऐसोपोस से संपर्क कर उसे राहत एवं बचाव कार्य में सहायता करने का अनुरोध किया।
नौसेना के अनुसार, 22 अगस्त की देर शाम तक एमटी ऐसोपोस ने दो अलग-अलग लाइफराफ्ट से 24 सदस्यीय चालक दल में से 2 लोगों को सुरक्षित बचा लिया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर 20 चीनी, 3 म्यांमार और 1 बांग्लादेशी नागरिक सवार थे। जानकारी के अनुसार, समुद्री बचाव समन्वय केंद्र को 22 अगस्त को करीब 11 बजकर 48 मिनट पर एमवी ओशन विनर से संपर्क टूटने की सूचना मिली थी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय खोज एवं बचाव नेटवर्क को सक्रिय करते हुए आसपास मौजूद जहाजों को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया।
भारतीय नौसेना के साथ भारतीय तटरक्षक बल ने भी अभियान तेज कर दिया है। आईसीजीएस वरद और आईसीजीएस अनमोल को खोज एवं बचाव कार्य के लिए लगाया गया है, जबकि आईसीजीएस विजित को श्री विजय पुरम से अभियान में अतिरिक्त सहायता के लिए रवाना किया गया है। आसपास के अन्य जहाजों को भी सतर्क कर संभावित रूप से बचे लोगों और लाइफराफ्ट की तलाश में मदद करने को कहा गया है। दो लोगों के बचाए जाने के बाद भी 22 चालक दल सदस्य अभी लापता हैं।
नौसेना ने कहा है कि वह भारतीय तटरक्षक बल के साथ लगातार समन्वय कर शेष चालक दल सदस्यों का पता लगाने के लिए अभियान चला रही है। एमवी ओशन विनर पनामा के झंडे वाला मालवाहक जहाज था। यह ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से लौह अयस्क लेकर सिंगापुर की ओर जा रहा था। जहाज के डूबने के कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और बचाव अभियान के साथ-साथ घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटना में भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता महत्वपूर्ण साबित हुई। संकट संदेश मिलने के बाद पी-8आई विमान को तत्काल खोज एवं बचाव भूमिका में लगाया गया और उसने इलाके में मौजूद लाइफराफ्ट का पता लगाया। इसके बाद पास से गुजर रहे एमटी ऐसोपोस को बचाव कार्य के लिए समन्वित किया गया।
नौसेना और तटरक्षक बल का संयुक्त अभियान अब भी जारी है और प्राथमिकता समुद्र में मौजूद शेष 22 चालक दल सदस्यों का जल्द से जल्द पता लगाकर उन्हें सुरक्षित निकालना है।
