LPG सिलेंडर का झंझट खत्म: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 1 सितंबर से घर-घर पहुंचेगी सस्ती PNG

बाजार बुलेटिन

नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। देश में ‘पाइप्ड नेचुरल गैस’ (PNG) के नेटवर्क को तेजी से फैलाने के उद्देश्य से ‘इन्सेंटिव स्कीम फॉर प्रमोशन ऑफ डोमेस्टिक पीएनजी कनेक्शंस’ की शुरुआत की जा रही है। 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होने वाली यह योजना दो चरणों (6-6 महीने) में पूरी की जाएगी।

उपभोक्ताओं और डिस्ट्रीब्यूटर्स दोनों को सीधा लाभ

योजना को सरल बनाने के लिए सरकार एक ‘सिंगल विंडो रजिस्ट्रेशन पोर्टल’ लॉन्च करने जा रही है, जिससे नया कनेक्शन लेना बेहद आसान हो जाएगा। इस स्कीम की मुख्य विशेषताएं और फायदे नीचे दिए गए हैं:

डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए बड़ा प्रोत्साहन: नए पीएनजी कनेक्शन के एक्टिवेट होते ही शहरी गैस वितरण (CGD) कंपनियों को प्रति घर 200 मानक घन मीटर अतिरिक्त सस्ती घरेलू गैस मिलेगी। इससे उनका इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट रिकवरी टाइम 10 साल से घटकर महज 3 साल रह जाएगा।

सस्ता और आसान ईंधन: उपभोक्ताओं को एलपीजी बुकिंग और रिफिल डिलीवरी के झंझट से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, एलपीजी के मुकाबले पीएनजी सस्ती होने के कारण रसोई के बजट में सीधी बचत होगी।

बंद पड़े कनेक्शन होंगे एक्टिव: कंपनियों को पुराने और निष्क्रिय पड़े पीएनजी कनेक्शनों को दोबारा चालू करने में भी मदद मिलेगी।

आयात पर निर्भरता घटाने की रणनीति

भारत फिलहाल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक देश है और अपनी 60% जरूरतें विदेशी बाजारों (खासकर मिडिल ईस्ट) से पूरी करता है। 2025 में भारत ने लगभग 12 अरब डॉलर खर्च करके 22 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी आयात की थी। वर्तमान में देश में केवल 17.4 मिलियन PNG कनेक्शन हैं। इंद्रप्रस्थ गैस और महानगर गैस जैसी दिग्गज कंपनियों को इस प्रोत्साहन योजना के जरिए घरेलू नेटवर्क का दायरा बढ़ाने का सीधा मौका मिलेगा, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी सुरक्षित रहेगा।

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