नई दिल्ली : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अचानक दिल्ली दौरे के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने और केंद्र सरकार में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, इन सभी चर्चाओं पर खुद देवेंद्र फडणवीस ने पूर्णविराम लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि वह महाराष्ट्र में ही रहेंगे और राज्य की जनता द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते रहेंगे। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि जिसे जितनी अफवाहें फैलानी हैं या अटकलें लगानी हैं, वह लगाता रहे। उनके इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की तमाम चर्चाएं फिलहाल थम गई हैं।
दिल्ली दौरे के दौरान फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर महाराष्ट्र में जारी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। इस बैठक में मुंबई मेट्रो, ग्रामीण विकास, रेलवे, पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स और सड़क निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों के विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
पीएम मोदी के अलावा फडणवीस ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की, जिसमें वियर कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए जापान की एजेंसी ‘जायका’ (JICA) के सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक में राज्य के पेंडिंग एनवायरमेंटल क्लीयरेंस और पर्यावरण से जुड़े विषयों को उठाया गया। फडणवीस केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात करेंगे और मुख्यमंत्रियों व उद्योग मंत्रियों की राष्ट्रीय बैठक में हिस्सा लेंगे।
गौरतलब है कि फडणवीस के केंद्र में जाने की अटकलें बीते जुलाई महीने में तब शुरू हुई थीं, जब शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने दावा किया था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान फडणवीस को दिल्ली बुलाया जा सकता है और महाराष्ट्र में नया मुख्यमंत्री बनेगा। हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के विस्तार और फडणवीस के अचानक दिल्ली आगमन ने इन चर्चाओं को दोबारा हवा दे दी थी। हालांकि, दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात और खुद फडणवीस की सफाई के बाद अब स्पष्ट हो चुका है कि उनकी पहली प्राथमिकता महाराष्ट्र ही है।
