लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जयप्रकाश नारायण स्कूल के दर्जनों छात्र और छात्राएं सड़क पर उतर आए। स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से तंग आकर आक्रोशित छात्रों ने शहर के दुबग्गा क्षेत्र स्थित बालागंज चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर बच्चों के धरने पर बैठ जाने से चौराहे के चारों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरे इलाके का ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।
जयप्रकाश नारायण स्कूल के छात्रों का आरोप है कि उनके विद्यालय में लंबे समय से महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। अध्यापकों के न होने के कारण उनकी नियमित पढ़ाई पूरी तरह ठप हो चुकी है। छात्रों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारी बच्चों को समझा-बुझाकर शांत कराया और यातायात बहाल कराया।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर शेयर करते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए लिखा, “2014 में आई BJP सरकार की सबसे बड़ी असफलता-विफलता ये है कि 14 साल तक के बच्चों को अब उनसे कोई उम्मीद नहीं बची है। जिन छात्राओं को स्कूलों में होना चाहिए, वो टीचर की कमी के साथ-साथ स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़क पर आने को मजबूर हैं। उत्तर प्रदेश में कोई शिक्षा मंत्री है क्या?” अखिलेश यादव के इस बयान के बाद प्रदेश में प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है।
