नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई किए जाने के आरोपों का खंडन किया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए तथाकथित वीडियो को ‘गुमराह’ करने वाला बताया और लोगों से बिना पुष्टि की गई जानकारी शेयर न करने की अपील की। नई दिल्ली डीसीपी के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से पोस्ट किया गया, “सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो चल रहे हैं, जिनमें पत्थरबाजी और पुलिस कार्रवाई की बात कही जा रही है। ये दावे झूठे और गुमराह करने वाले हैं।” पोस्ट में आगे कहा गया, “ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे ऐसे वीडियो पर विश्वास न करें और न ही उन्हें शेयर करें। साथ ही, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे सही जानकारी और अपडेट के लिए सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।”
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को भी रहे जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच अपना स्पष्टीकरण दिया। इससे पहले, सोमवार को दिल्ली में ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई थी।
सीजेपी के हजारों समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे। वे नीट-यूजी पेपर लीक विवाद समेत परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने मार्च को संसद तक पहुंचने से रोकने के लिए रास्ते में निषेधाज्ञा लागू की थी और बैरिकेड्स लगाए थे।
सुरक्षा कर्मियों की ओर से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का मंच और टेंट हटा दिए जाने के बाद सीजेपी के आंदोलन जारी रखने के आह्वान पर प्रदर्शनकारी मंगलवार को फिर से उसी जगह लौट आए। विरोध स्थल पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों की भारी तैनाती बनी रही। उनका यह विरोध प्रदर्शन बुधवार सुबह तक भी जारी रहा है।
