मौसम का डबल अटैक : राजस्थान-गुजरात-एमपी सहित बड़े हिस्से में मानसून पर लगा ब्रेक, अरुणाचल में बादल फटने से ITBP के 15 जवान फंसे

देश

नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर। देश के मौसम में इन दिनों दो विपरीत और बेहद गंभीर परिस्थितियां एक साथ देखने को मिल रही हैं। एक तरफ जहां उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के एक बड़े हिस्से में मानसून ने पूरी तरह से ब्रेक ले लिया है और लोग भीषण उमस से बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचा रखी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) रेखा हिमालय की तलहटी की ओर खिसक गई है। इसके प्रभाव से अगले 6 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना बेहद कम है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत, बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। सोमवार को अरुणाचल के कुरुंग कुमे जिले में अचानक बादल फटने के बाद कुमे नदी में भीषण बाढ़ आ गई। इस प्राकृतिक आपदा के चलते भारत-चीन सीमा (LAC) के पास स्थित टापा बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 15 जवानों से अचानक संपर्क टूट गया है। सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीमें लापता जवानों से दोबारा संपर्क साधने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों में जुटी हैं।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बिहार, असम, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं।
असम के टियोक में फूटा तटबंध: असम के टियोक इलाके में पुथी नदी का एक मजबूत तटबंध अचानक टूट गया, जिससे दर्जनों गांव और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। कई मुख्य मार्ग भी पानी के तेज बहाव में बह गए हैं, जिससे संपर्क टूट गया है।
मानसून के रूठने के कारण राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और दिल्ली में सूखी हवाएं चलने लगी हैं। वातावरण में पहले से मौजूद भारी नमी के कारण अब लोगों को हफ्तेभर तक असहज करने वाली उमस (Humid Heat) का सामना करना पड़ेगा।
पारा 35 पार, लेकिन महसूस होगी 45 डिग्री जैसी गर्मी: कई प्रमुख शहरों में वास्तविक तापमान भले ही 32 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा हो, लेकिन अत्यधिक नमी के कारण ‘फील लाइक’ (महसूस होने वाला) तापमान या हीट इंडेक्स 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब हवा में आर्द्रता (नमी) का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो शरीर से निकलने वाला पसीना आसानी से नहीं सूख पाता। पसीना न सूखने के कारण शरीर का आंतरिक तापमान कम नहीं हो पाता और हमें वास्तविक पारे से कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होती है, इसे ही ‘हीट इंडेक्स’ कहा जाता है।
मौसम विभाग ने लोगों को इस उमस भरी गर्मी में शरीर में पानी की कमी न होने देने और दोपहर के वक्त सीधे धूप व उमस से बचने की सलाह दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *