नई दिल्ली : ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले तेहरान में भावुक माहौल देखने को मिला। ग्रैंड मोसल्ला परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह के दौरान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ फूट-फूटकर रो पड़े। शनिवार से शुरू होने वाले कई दिनों के शोक समारोह में दर्जनों देशों के नेता और लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए। ईरान सरकार इसे राष्ट्रीय एकता और युद्ध के बाद शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रही है।
भावुक हुए टॉप लीडर: ‘ताबूत को छूकर लिया आशीर्वाद’
तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला में खामेनेई का राष्ट्रीय ध्वज से ढका ताबूत रखा गया था। उनके साथ युद्ध के पहले दिन हुए हवाई हमले में मारे गए परिजनों के ताबूत भी थे। इनमें उनके दामाद, बड़ी बेटी, 14 महीने की पोती और नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की पत्नी शामिल थीं।
समारोह में राष्ट्रपति पेजेश्कियन और स्पीकर गालिबाफ समेत पूरी लीडरशिप रोती नजर आई। लोग अपने स्कार्फ और कपड़े ताबूत से स्पर्श करवा रहे थे, जिसे ईरान में आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। बाद में ताबूत को ‘या हुसैन’ लिखे लाल झंडे से ढका गया, जो अन्याय के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है।
‘We Must Rise’ के बैनर, तेहरान बना शोक नगरी
ईरान सरकार इसे सिर्फ शोक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और राजनीतिक मजबूती का संदेश मान रही है। तेहरान की सड़कों पर अरबी, फारसी और अंग्रेजी में ‘We Must Rise’ यानी ‘हमें उठ खड़ा होना होगा’ के बड़े-बड़े बैनर लगे हैं। इनके जरिए जनता से इस्लामिक गणराज्य के समर्थन में एकजुट रहने की अपील की जा रही है।
इस बीच रिवोल्यूशनरी गार्ड के वरिष्ठ कमांडर जनरल अहमद वाहिदी भी कई महीनों बाद सार्वजनिक रूप से दिखे। माना जा रहा है कि युद्ध के बाद अमेरिका से संभावित समझौते और सुरक्षा रणनीति में उनकी अहम भूमिका होगी। उनकी मौजूदगी को नेतृत्व की एकजुटता माना जा रहा है।
कई दिन चलेगा शोक, इराक तक ले जाया जाएगा पार्थिव शरीर
शनिवार से शुरू हुआ शोक समारोह कई दिनों तक चलेगा। खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न शहरों के साथ पड़ोसी इराक भी ले जाया जाएगा। इस दौरान तेहरान में कई सड़कें बंद रहेंगी, हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध रहेगा और पूरे देश में शोक कार्यक्रम होंगे।छुट्टियां व मौसमी आयोजन
उल्लेखनीय है कि अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद खामेनेई का निधन हुआ है। जनाजे में बड़ी संख्या में लोग और दर्जनों देशों के प्रतिनिधि पहुंचे हैं।
