राज्य ब्यूरो, शिमला : स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं सरकार ने जारी रखी हैं। इन्हें 25 फरवरी को सेवाविस्तार दिया गया। इन शिक्षकों को अभी नियमित करने की नीति विचाराधीन नहीं है। आने वाले समय में इस पर विचार किया जा सकता है। पिछले साल 14 अगस्त को हाईकोर्ट ने इनकी सेवाएं समाप्त कर दी थी। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी। शीर्ष कोर्ट ने 24 नवंबर को हाईकोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया और 17 जुलाई 2012 को एसएमसी नीति से नियुक्त शिक्षकों को उचित ठहराया। जब तक भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत नियुक्तियां नहीं होती, तब तक इन शिक्षकों की सेवाएं जारी रहेंगी। यह जानकारी शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने रेणुका के विधायक विनय कुमार के सवाल के जवाब में ही।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने अनुपूरक सवाल पूछा कि क्या सरकार सुप्रीमकोर्ट को भी नहीं मानती है। पहले वाले शिक्षा मंत्री कहते थे कि मौजूदा सरकार इन शिक्षकों को नियमित करेगी। अब मौजूदा शिक्षा मंत्री मुख्यमंत्री से घोषणा करवाएंगे कि सरकार इन्हें नियमित करेगी। इस पर मंत्री ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने नियमितीकरण के बारे में कोई आदेश नहीं दिया है। सरकार कोर्ट का पूरा सम्मान करती है।
कंप्यूटर शिक्षकों के लिए नियमितीकरण की नीति नहीं
शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह के सवाल के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में 1314 कंप्यूटर शिक्षक कार्यरत हैं। इनके लिए भी फिलहाल नियमितीकरण की नीति विचाराधीन नहीं है।