वाशिंगटन । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अबू-बिलाल अल-मिनुकी अमेरिकी और नाइजीरियाई सेनाओं के संयुक्त अभियान में मारा गया है। अबू-बिलाल अल-मिनुकी को दुनिया भर में आईएसआईएस का सेकंड-इन-कमांड बताया जाता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह मिशन उनके निर्देश पर चलाया गया था और इसमें अमेरिका तथा नाइजीरिया के सुरक्षा बलों ने मिलकर काम किया। ट्रंप ने कहा, “आज रात, मेरे निर्देश पर बहादुर अमेरिकी फोर्स और नाइजीरिया की आर्म्ड फोर्स ने दुनिया के सबसे सक्रिय आतंकवादियों में से एक को लड़ाई के मैदान से खत्म करने के लिए बेहद सावधानी से तैयार किए गए और कठिन मिशन को बिना किसी गलती के पूरा किया।”
उन्होंने आगे कहा, “आईएसआईएस का दुनिया भर में सेकंड-इन-कमांड अबू-बिलाल अल-मिनुकी सोचता था कि वह अफ्रीका में छिप सकता है, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि हमारे पास ऐसे सोर्स हैं, जो हमें लगातार बताते रहते हैं कि वह क्या कर रहा है। वह अब अफ्रीका के लोगों को नहीं डराएगा और न ही अमेरिकियों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन की योजना बनाने में मदद कर पाएगा। उसके मारे जाने से आईएसआईएस का वैश्विक नेटवर्क काफी कमजोर हुआ है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऑपरेशन के दौरान नाइजीरियाई सरकार के सहयोग और समर्थन के लिए उनका धन्यवाद भी किया। मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक, अबू-बिलाल अल-मिनुकी को आईएसआईएस की लीडरशिप में शीर्ष रैंक वाले लोगों में से एक माना जाता था और कहा जाता है कि वह संगठन के ग्लोबल डिप्टी कमांडर के तौर पर काम करता था। अल-मिनुकी को अबू बक्र इब्न मुहम्मद इब्न अली अल-मिनुकी के नाम से भी जाना जाता है।
आतंकी संगठन में उसकी वरिष्ठ भूमिका के कारण, वर्ष 2023 में अमेरिकी विदेश विभाग ने उसे एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13224 के तहत प्रतिबंधित घोषित किया था। यह आदेश आतंकवाद की फंडिंग और गतिविधियों से जुड़े लोगों और संगठनों को निशाना बनाता है।
काउंटर एक्सट्रीमिज्म प्रोजेक्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अल-मिनुकी मुख्य रूप से अफ्रीका के साहेल क्षेत्र में सक्रिय था, जो करीब 12 देशों में फैला हुआ है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि वह इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रांत (आईएसडब्ल्यूएपी) का वरिष्ठ कमांडर था और आईएसआईएस के जनरल डायरेक्टरेट ऑफ प्रोविंसेज (जीडीपी) के तहत लेक चाड विभाग से जुड़े ऑपरेशन की निगरानी करता था।
