लखनऊ : राजधानी लखनऊ में योगी मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है. पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात करेंगे. सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार, नए मंत्रियों के नाम और विभागों के बंटवारे पर चर्चा होने की संभावना है.
गौरतलब है कि यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं पिछले कई दिनों से हो रही हैं. कहा जा रहा था पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद यह विस्तार संभव है. अब नतीजे आ चुके हैं और पश्चिम बंगाल, असम समेत तीन राज्यों में बीजेपी की सरकार बन चुकी है. लिहाजा अब पूरा फोकस उत्तर प्रदेश पर हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं में नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने को लेकर काफी उत्साह है. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि विस्तार में कुछ नए चेहरे और कुछ वर्तमान मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी संभव है.
जातीय समीकरण सड़ने की कोशिश
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल को मंत्रिमंडल विस्तार से संबंधित प्रस्ताव सौंप सकते हैं. आधिकारिक घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है. यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब योगी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में विकास और सुशासन के एजेंडे को और मजबूती देना चाहती है. कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार से बीजेपी जातीय समीकरण को भी साधेगी. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी मंत्रिमंडल का आखिरी विस्तार होगा. नई जिम्मेदारियां सौंपे जाने वाले मंत्रियों से पार्टी और सरकार दोनों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है.
6 नए चेहरे हो सकते हैं शामिल
सूत्रों के मुताबिक योगी मंत्रिमंडल का विस्तार 12 मई के बाद कभी हो सकता है. मंत्रिमंडल विस्तार में 6 नए चेहरों को शामिल होने की बात कही जा रही है. मंत्रिमंडल विस्तार में जिन्हे शामिल किया जा सकता है, उनमें सपा की बागी विधायक पूजा पाल, मनोज पांडे, सुरेंद्र दिलेर और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का नाम चर्चा में है. इसके अलावा महेंद्र सिंह, कृष्णा पासवान, संतोष सिंह और हंशराज विश्वकर्मा का नाम भी रेस में शामिल बताया जा रहा है.
