लखनऊ: 24 अप्रैल, 2026 प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने उ0प्र0 माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम, उत्तर मध्यमा द्वितीय की परिक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वाले एवं सभी सफल छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और सरकार की पारदर्शी एवं नकलविहीन परीक्षा प्रणाली का परिणाम है। योगी सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे न केवल संस्कृत शिक्षा को नई पहचान मिल रही है, बल्कि प्रदेश के छात्र-छात्राओं के लिए नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
वर्ष 2026 की पूर्व मध्यमा द्वितीय से उत्तर मध्यमा द्वितीय की परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के मध्य सम्पन्न हुई। इस वर्ष संस्कृत बोर्ड द्वारा कुल 241 परीक्षा केन्द्रों पर 09 कार्य दिवसों में परीक्षाएं सफलतापूर्वक सम्पन्न करायी गयी। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 07 मार्च से 20 मार्च 2026 के मध्य निर्धारित कुल 13 मूल्यांकन केन्द्रों में सम्पन्न हुआ।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक एवं सभापति डा0 महेन्द्र देव एवं सचिव शिव लाल ने शुक्रवार को उ0प्र0 माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित पूर्व मध्यमा द्वितीय, उत्तर मध्यमा प्रथम, उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षाफल की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व मध्यमा द्वितीय परीक्षा में कुल 21,915 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। जिसमें 21,107 संस्थागत एवं 808 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। परीक्षा में कुल 16,615 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। जिसमें से 15,941 संस्थागत एवं 674 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। सम्पूर्ण परीक्षा में सम्मिलित परीक्षार्थियों के सापेक्ष 14,429 संस्थागत तथा 600 व्यक्तिगत कुल 15,029 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित हुए। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.96 एवं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.78 हैं। पूर्व मध्यमा द्वितीय के सम्पूर्ण परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.91 हैं। पूर्व मध्यमा द्वितीय की परीक्षा में 11,340 बालक एवं 3,689 बालिकाएं उत्तीर्ण हुई। बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.68 एवं बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.64 हैं। सम्पूर्ण परीक्षा में सम्मिलित न होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 946 रही।
उत्तर मध्यमा प्रथम परीक्षा में कुल 19,745 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिसमें संस्थागत 19,116 एवं व्यक्तिगत 629 हैं। परीक्षा में कुल 15,746 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिसमें 15,240 संस्थागत एवं 506 व्यक्तिगत हैं। सम्पूर्ण परीक्षा में सम्मिलित परीक्षार्थियों के सापेक्ष 13,589 संस्थागत तथा 439 व्यक्तिगत कुल 14,028 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित हुए। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.45 एवं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.00 हैं। उत्तर मध्यमा प्रथम के सम्पूर्ण परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.40 हैं। उत्तर मध्यमा प्रथम की परीक्षा में 10,420 बालक एवं 3,608 बालिकाएं उत्तीर्ण हुई। बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.33 एवं बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.62 हैं। सम्पूर्ण परीक्षा में सम्मिलित न होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 887 रही।
उत्तर मध्यमा द्वितीय परीक्षा में कुल 14,162 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिसमें 13,694 संस्थागत एवं 468 व्यक्तिगत हैं। परीक्षा में कुल 13,302 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए, जिसमें 12,854 संस्थागत एवं 448 व्यक्तिगत हैं। सम्पूर्ण परीक्षा में सम्मिलित परीक्षार्थियों के सापेक्ष 11,901 संस्थागत तथा 405 व्यक्तिगत कुल 12,306 परीक्षार्थी उत्तीर्ण घोषित हुए। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.88 एवं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.40 हैं। उत्तर मध्यमा द्वितीय के सम्पूर्ण परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.86 हैं। उत्तर मध्यमा द्वितीय की परीक्षा में 9053 बालक एवं 3253 बालिकाएं उत्तीर्ण हुई। बालकांे का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.47 एवं बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 95.95 हैं। सम्पूर्ण परीक्षा में सम्मिलित न होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 330 रही।
पूर्व मध्यमा द्वितीय (कक्षा-10) के परीक्षाफल में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में प्रथम स्थान पर सृष्टि (कन्नौज) रहे, जिन्होंने 700 में से 661 अंक (94.43 प्रतिशत) प्राप्त किए। द्वितीय स्थान पर खुशबू सरोज (प्रतापगढ़) ने 660 अंक (94.29 प्रतिशत) हासिल किए। तृतीय स्थान मुलायम सिंह यादव (प्रतापगढ़) और प्रियंका सरोज (प्रतापगढ़) ने संयुक्त रूप से 653 अंक (93.29 प्रतिशत) के साथ प्राप्त किया। उत्तर मध्यमा द्वितीय (कक्षा-12) की श्रेष्ठता सूची में रजनीश यादव (प्रतापगढ़) ने 1400 में से 1251 अंक (89.36 प्रतिशत) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान पर वंशिका श्रीवास्तव (प्रतापगढ़) रहीं, जिन्होंने 1199 अंक (85.64 प्रतिशत) प्राप्त किए। तृतीय स्थान पर काजल (प्रतापगढ़) और संस्कृति (अमरोहा) ने संयुक्त रूप से 1196 अंक (85.43 प्रतिशत) के साथ स्थान बनाया।
इन परीक्षाओं में प्रदेश के 1091 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान प्रत्येक दिन की उपस्थिति ऑनलाइन अपलोड कराई गई, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, वहीं राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू रही। इसके अतिरिक्त जनपद और मंडल स्तर पर भी ऑनलाइन कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की गई। मूल्यांकन कार्य 7 मार्च से 20 मार्च के बीच 13 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। परिषद के अनुसार, इस वर्ष का परीक्षा परिणाम गत वर्ष की तुलना में अधिक बेहतर रहा है, जो योगी सरकार की पारदर्शी और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, राज्य स्तरीय रियल टाइम कंट्रोल रूम, जनपद एवं मंडल स्तर पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग और उपस्थिति की डिजिटल ट्रैकिंग जैसे उपायों ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नकलविहीन बनाया। यही कारण है कि इस वर्ष का परिणाम न केवल बेहतर रहा, बल्कि परीक्षा प्रणाली पर छात्रों और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।
पूर्व मध्यमा द्वितीय (10) के सम्पूर्ण परीक्षार्थियों के उत्तीर्ण प्रतिशत में गत वर्ष की तुलना में 2.79 की वृद्धि। उत्तर मध्यमा द्वितीय (12) के सम्पूर्ण परीक्षार्थियों के उत्तीर्ण प्रतिशत में गत वर्ष की तुलना में 6.82 की वृद्धि। परीक्षाफल संस्कृत परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upmssp.comपर ऑनलाईन माध्यम से देखा जा सकता हैं।
इस अवसर पर अध्यक्ष संस्कृत न्यास परिषद श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह, अपर निदेशक व्यावसायिक शिक्षा श्री मनोज द्विवेदी, अपर परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा श्री विष्णुकांत पाण्डेय, संयुक्त निदेशक कैम्प श्री आर0पी0 शर्मा, संयुक्त निदेशक समग्र शिक्षा श्री विवेक नौटियाल, उपनिदेशक कैम्प श्री राजेश आर्या एवं निरीक्षक संस्कृत शिक्षा पाठशाला श्री पवन श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
