ओमान तट के पास कंटेनर जहाज पर फायरिंग, ईरान ने दिया कानून का हवाला

विदेश

तेहरान/लंदन । ओमान के तट के पास एक कंटेनर जहाज पर कथित फायरिंग और हस्तक्षेप की घटना ने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि देश की सेना ने “मेरीटाइम लॉ” के तहत कार्रवाई की। इस जहाज ने बार-बार दी गई चेतावनियों की अनदेखी की थी। यह बयान ऐसे समय आया है जब यूके मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) ने भी एक घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उसे ओमान के उत्तर-पूर्व में लगभग 15 नॉटिकल मील (करीब 27-28 किमी) दूरी पर एक कंटेनर जहाज से जुड़ी घटना की सूचना मिली है। यूकेएमटीओ के अनुसार, जहाज के मास्टर ने रिपोर्ट दी कि एक इस्लामिक रेवोल्युशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की गनबोट ने जहाज के करीब आकर उस पर फायरिंग की। इस हमले में जहाज के ब्रिज (नियंत्रण कक्ष) को भारी नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी तरह की आग या जनहानि की सूचना नहीं है। सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह कार्रवाई उस जहाज के खिलाफ की गई, जिसने सैन्य चेतावनियों का पालन नहीं किया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
अल जजीरा ने भी कहा है कि वह इस घटना की तुरंत पुष्टि नहीं कर सका।
ओमान के आसपास का समुद्री क्षेत्र और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हाल के महीनों में यहां सुरक्षा घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, खासकर ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव के चलते।
अमेरिकी नाकेबंदी के बीच मामला और तनावपूर्ण हो गया है। हाल ही में भारतीय झंडे वाले जहाजों पर भी गनबोट्स हमले किए गए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए भारत ने ईरानी दूतावास के राजदूत से अपनी चिंता व्यक्त की थी। विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी कर बताया गया कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने राजनयिक से मुलाकात कर फिक्र जाहिर की थी।

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