कोलकाता : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के कारण यहां राजनीति एक बार फिर गर्म होती नजर आ रही है. गृहमंत्री अमित शाह के रोड शो के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने यह साफ कर दिया कि चुनावी माहौल अब पूरी तरह टकराव की ओर बढ़ चुका है. भवानीपुर की सड़कों पर जब उनका काफिला गुजरा, तो यह सिर्फ एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं था, बल्कि दो बड़ी पार्टियों के बीच सीधा आमना-सामना भी देखने को मिला. ममता बनर्जी के घर के पास हुई यह झड़प बताती है कि इस बार का चुनाव सिर्फ वोट की लड़ाई नहीं, बल्कि साख और वर्चस्व की जंग बन चुका है.
इस घटनाक्रम ने यह भी दिखा दिया कि राज्य में राजनीतिक तनाव किस स्तर तक पहुंच चुका है. रोड शो के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी से शुरू हुआ विवाद अचानक टकराव में बदल गया. हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया, लेकिन यह घटना आने वाले दिनों में और अधिक सियासी गर्मी बढ़ने के संकेत दे रही है. ऐसे माहौल में चुनाव आयोग और प्रशासन की भूमिका भी बेहद अहम हो जाती है.
भवानीपुर में रोड शो के दौरान बढ़ा तनाव
भवानीपुर, कोलकाता में अमित शाह का रोड शो उस समय चर्चा में आ गया जब उनका काफिला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के पास से गुजरा. इसी दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. पुलिस बल की मौजूदगी के कारण स्थिति बिगड़ने से पहले ही काबू में कर ली गई.
अमित शाह ने इस दौरान जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों को बिना डर के मतदान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य में बदलाव लाया जाए. उनके भाषण में तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए और लोगों से भाजपा के समर्थन की अपील की गई.
वहीं भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि इस बार ममता बनर्जी चुनाव हारने वाली हैं. उन्होंने कहा कि जनता बदलाव चाहती है और भाजपा राज्य में नई सरकार बनाने के लिए तैयार है. भवानीपुर सीट को लेकर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है.
रोड शो के दौरान झड़प क्यों हुई?
रोड शो के दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे. जैसे ही काफिला ममता बनर्जी के घर के पास पहुंचा, दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई. धीरे-धीरे यह विवाद बढ़ा और कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. हालांकि पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया.
अमित शाह ने अपने भाषण में क्या कहा?
अमित शाह ने लोगों से बिना डर के मतदान करने की अपील की. उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव जरूरी है और भाजपा “सोनार बांग्ला” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और जनता से भाजपा के पक्ष में वोट देने की अपील की.
इस चुनाव में भवानीपुर सीट क्यों अहम है?
भवानीपुर सीट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ममता बनर्जी का गढ़ मानी जाती है. यहां से उनका चुनाव लड़ना इस सीट को और ज्यादा चर्चित बना देता है. इस बार भाजपा ने भी इस सीट पर पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है.
चुनाव से पहले बढ़ती सियासी गर्मी
पश्चिम बंगाल में चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक माहौल और गर्म होता जा रहा है. रैलियों, रोड शो और बयानबाजी के बीच टकराव की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराना है.
